अब जनजाति मुद्दे को अपने हाथों में लेगी तृणमूल : राई
Updated at : 14 Jan 2019 1:42 AM (IST)
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दार्जिलिंग : दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस की ओर से रविवार को लेबुंग स्थित हर्सिंग के सार्वजनिक भवन में सांगठनिक सभा का आयोजन किया गया. इस सभा को हिल जिला तृणमूल के अध्यक्ष एलबी ने संबोधित किया. आयोजित सभा से पहले दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रस समर्थकों ने लेबुंग गोलाई बाजार से एक विराट रैली निकाला […]
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दार्जिलिंग : दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस की ओर से रविवार को लेबुंग स्थित हर्सिंग के सार्वजनिक भवन में सांगठनिक सभा का आयोजन किया गया. इस सभा को हिल जिला तृणमूल के अध्यक्ष एलबी ने संबोधित किया.
आयोजित सभा से पहले दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रस समर्थकों ने लेबुंग गोलाई बाजार से एक विराट रैली निकाला जो लेबुंग रोड होकर हर्सिंग के सार्वजनिक भवन पहुंचा. सभा को संबोधित करते हुये एलवी राई ने कहा कि जनजाति का मुद्दे को अब तृणमूल कांग्रेस अपने हाथों में लेकर पारित करेगी.
संगठनिक सभा का शुभारम्भ हिल तृणमूल के नेतृत्वगणों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर दीप जलाकर किया गया. आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुये हिल तृणमूल अध्यक्ष एलवी राई ने सिलीगुड़ी के एक चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गोरखा समुदाय के 11 जाति-गोष्ठियों का नाम उच्चारण करते हुये केन्द्रीय जनजाति में शामिल करने का वचन दिया था. केंद्र की भाजपा सरकार का कार्यकाल पूरा होने को है.
लेकिन इसके बावजूद भी गोरखा समुदाय के 11 जाति गोष्ठियों को जनजाति में शामिल करने का कार्य अबतक नहीं किया गया है. पिछले दिनों पहले सम्पन्न शीतकालीन सत्र में गोरखा समुदाय के 11 जाति गोष्ठी को जनजाति में शामिल करने का बिल पेश होने का अफवाह फैलाया गया था.
शीतकालीन सत्र में 11 जाति गोष्ठी का बिल पेश होने की उम्मीद लेकर समस्त गोरखा समुदाय बैठे थे. मैं स्वयं एक गोरखा होने के कारण में भी उम्मीद लेकर बैठा था. परंतु शीतकालीन सत्र में बिल पेश नहीं हुआ.
श्री राई ने कहा कि केन्द्र के भाजपा सरकार ने गोर्खाओं के साथ विश्वासघात किया है. इसलिये अब हमलोग तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी के समक्ष गोरखा समुदाय के 11 जाति गोष्ठी के मुद्दों को अपने हाथ में लेकर पार लगाने की गुहार लगायेंगे. हमलोगों को उम्मीद है कि दीदी निराश नहीं करेगी.
भाषण के क्रम में राई ने कहा कि जब-जब चुनाव आता है, तब-तब नेताओं को गोर्खालैंड की याद आती है. गोर्खालैंड के नाम पर गोर्खाओ की भावना से खिलवाड़ किया जाता है.
अब ऐसा नहीं होगा. हमलोगों को भी भावना की राजनीति को छोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बार-बार कहती हैं, मैं दार्जिलिंग को स्विट्जरलैंड बना दूंगी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मिरिक को स्विट्जरलैंड से कम नहीं बनाया है. मिरिक में रोड से लेकर पेयजल आदि जैसे सभी बुनियादी सुविधाओं से लैस कर दिया गया है. आगामी कुछ दिनों में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दार्जिलिंग आ रही हैं.
उस दौरान ममता दीदी के स्वागत में पहाड़ के सभी तृणमूल कर्मियों को राजभवन के आगे स्वागत के लिये रहने की अपील की. आयोजित सभा में तृणमूल कर्मिंयों की अपार उपस्थिति मौजूद रही. कार्यक्रम में हिल तृणमूल कांग्रेस उपाध्यक्ष शुभमय चटर्जी, एनवी खवास, दोर्जे तमांग, शारदा राई सुब्बा आदि उपस्थित थे.
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