सिलीगुड़ी : सुकृति की नियुक्ति पर नगर निगम में गरमायी राजनीति

Updated at : 14 Dec 2018 1:32 AM (IST)
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सिलीगुड़ी :  सुकृति की नियुक्ति पर नगर निगम में गरमायी राजनीति

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के वाम बोर्ड पर विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने और अपने लोगों को नौकरी पर रखने का आरोप लगाया है. इसे लेकर राजनीति गरम हो गयी है. विरोधियों ने इस मुद्दे को बोर्ड मीटिंग में भी उठाने का फैसला लिया है. यह विवाद निगम में […]

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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के वाम बोर्ड पर विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने और अपने लोगों को नौकरी पर रखने का आरोप लगाया है. इसे लेकर राजनीति गरम हो गयी है. विरोधियों ने इस मुद्दे को बोर्ड मीटिंग में भी उठाने का फैसला लिया है. यह विवाद निगम में दैनिक मजदूरी के आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति के बाद छिड़ा. एसएफआई की दार्जिलिंग जिला कमेटी सदस्य सुकृति आश को नौकरी पर रखा गया है.
सुकृति पर पिछले दिनों मुख्यमंत्री का पुतला जलाने के दौरान पुलिसकर्मियों को जलाने की कोशिश का आरोप लगा था. पुलिस ने कोलकाता से सुकृति को गिरफ्तार किया था. बाद में सिलीगुड़ी अदालत से जमानत पर वह रिहा हुई थीं. उनकी रिहाई पर निकले विजय जुलूस में मेयर अशोक भट्टाचार्य भी शामिल हुए थे और वह मारे खुशी के भावुक हो उठे थे.
सुकृति के नगर निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर योगदान देते ही विरोधियों ने तंज कसना आरंभ कर दिया है. मामले को लेकर नगर निगम के विरोधी दल नेता तथा वार्ड पार्षद रंजन सरकार ने बताया कि बोर्ड डाटा एंट्री ऑपरेटरों कि नियुक्ति के समय योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार करके अपने लोगों को नगर निगम में भर्ती कर रहा है.
उन्होंने बताया कि एसएफआइ नेता सुकृति आश के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने का मामला भी है. रंजन सरकार ने सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि सिलीगुड़ी में योग्य युवक युवतियों की कमी नहीं है, फिर भी सुकृति को ही क्यों यह नौकरी दी गयी?
उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर अशोक भट्टाचार्य सरकारी पैसों का गलत तरीके से इस्तमाल कर रहे हैं. एक तरफ मेयर बोर्ड के पास पैसा नहीं होने का हवाला देते हैं, जबकि दूसरी ओर निगम के अवकाशप्राप्त कर्मी निखिल सरकार को अभी भी बैठाकर पैसा दिया जा रहा है. उन्होने इसे सीपीआइएम सरकार की 34 वर्षों की नीति का एक हिस्सा बताया है. विरोधी नेता के अनुसार इस मामले को नगर निगम की बोर्ड मीटिंग में भी उठाया जायेगा.
आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा कि सुकृति को नौकरी पर नहीं रखा गया है. नगर निगम में दैनिक मजदूरी पर 1800 लोग काम कर रहे हैं, जिहें किसी भी वक्त काम से बर्खास्त किया जा सकता है.
सुकृति भी इन्हीं 1800 लोगों में शामिल हैं. नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस तथा कांग्रेस के शासन में भी इसी तरह अनेक लोगों को काम पर रखा गया था. तब किसी ने एक शब्द नहीं कहा. मेयर ने वर्तमान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल नेता परेश अधिकारी की बेटी को अनियमित तरीके से मोटे वेतन की नौकरी दी गयी है.
अशोक भट्टाचार्य, मेयर, सिलीगुड़ी
क्या कहना है सुकृति का
सुकृति आश ने बताया कि तीन रोज पहले उन्होंने डाटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर नगर निगम में अपना काम शुरू किया है. इसके लिए उन्हें कई इम्तिहान भी देने पड़े हैं. विरोधियों द्वारा की जा रही बयानबाजी पर उन्होंने बताया कि यह करना उनका काम है. उन्होंने अपने हुनर से इस काम को हासिल किया है.
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