विमल गुट के साथ आज केंद्रीय गृह सचिव की बैठक

Published at :05 Oct 2018 3:15 AM (IST)
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विमल गुट के साथ आज केंद्रीय गृह सचिव की बैठक

सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग पहाड़ की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह सचिव शुक्रवार को गोजमुमो (विमल गुरुंग गुट) के प्रतिनिधिदल से मुलाकात करेंगे. इसे लेकर पहाड़ की राजनीति में हलचल मच गयी है. गोजमुमो (विनय तमांग) गुट ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आगामी लोकसभा चुनाव के लिए दार्जिलिंग की जनता की आंखों में धूल […]

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सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग पहाड़ की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह सचिव शुक्रवार को गोजमुमो (विमल गुरुंग गुट) के प्रतिनिधिदल से मुलाकात करेंगे. इसे लेकर पहाड़ की राजनीति में हलचल मच गयी है. गोजमुमो (विनय तमांग) गुट ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आगामी लोकसभा चुनाव के लिए दार्जिलिंग की जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास बताया है.
विमल गुट के सूत्रों के अनुसार, राजधानी नयी दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में उक्त बैठक शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे होगी. इस संबंध में दार्जिलिंग के सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह अहलुवालिया ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने बीते साल पहाड़ पर आंदोलन के दौरान विमल गुरुंग से पहाड़ पर बेमियादी हड़ताल खत्म कर बातचीत शुरू करने का आमंत्रण दिया था. सूत्रों के मुताबिक, विमल गुरुंग गुट की ओर से कर्नल (सेवानिवृत्त) रमेश आले के नेतृत्व में आठ प्रतिनिधियों का एक दल बैठक में हिस्सा लेगा.
मन है तो वोट दें, वरना न दें
ममता बनर्जी ने कहा कि वह यहां वोट मांगने नहीं आयी हैं. अभी चुनाव का समय भी नहीं है. वह सिर्फ चुनाव के दौरान नहीं आती, बल्कि हर महीने उत्तर बंगाल के दौरे पर आती हैं. वह न केवल सिलीगुड़ी, बल्कि उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, मालदा, कूचबिहार, दार्जिलिंग जहां भी मौका मिलता है, जाती हैं. सिलीगुड़ी के हरेक रास्ते की जानकारी उन्हें है. वह यह नहीं कहना चाहती कि पश्चिम बंगाल में रहनेवाले हिंदीभाषी तृणमूल कांग्रेस को ही वोट दें. वह वोट की राजनीति नहीं करती. वह राज्य और देश को सुरक्षित रखना चाहती हैं.
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से साफ-साफ कहा कि यदि उनका मन तृणमूल कांग्रेस को वोट देने का है तो दें, अन्यथा ना दें. वह वोट की भीख नहीं मांगेंगी. इतना जरूर कहेंगी कि हिंदीभाषी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से सुरक्षित हैं. किसी को एनआरसी के नाम पर यहां से भगाया नहीं जा सकेगा.
कौन हिंदू, भाजपा को बताने का हक नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड़िशा की यात्रा के समय वह जगन्नाथ मंदिर में पूजा करना चाहती थीं. लेकिन भाजपा ने उनको रोकने की कोशिश की. भाजपा नेता उन्हें नकली हिंदू बता रहे थे. भाजपा की इच्छा थी कि वह मंदिर में प्रवेश नहीं कर पायें. क्या यह सही है? भाजपा आखिर कैसे किसी को असली या नकली हिंदू बता सकती है. दरअसल भाजपा का योगदान देश को बनाने में कुछ रहा नहीं है. भाजपा नेताओं को बताना चाहिए था कि आजादी की लड़ाई में ये लोग कहां थे. दरअसल, यह पार्टी महात्मा गांधी के हत्यारों की पार्टी है.
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