दूसरे दिन भी सिलीगुड़ी शहर हुआ धुआं-धुआं

Published at :20 Mar 2018 8:49 AM (IST)
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दूसरे दिन भी सिलीगुड़ी शहर हुआ धुआं-धुआं

धुआं फैलने के कारण शहरवासी हो रहे आतंकित सिलीगुड़ी. रविवार रात के बाद सोमवार रात भी सिलीगुड़ी शहर धुएं के चादर में सिमट गया. इस वजह से शहरवासी आतंकित हो उठे. हालांकि रविवार रात की घटना के करीब 24 घंटे बाद रहस्य से पर्दा हट गया है. सोमवार सुबह होते ही लोगों ने राहत की […]

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धुआं फैलने के कारण शहरवासी हो रहे आतंकित
सिलीगुड़ी. रविवार रात के बाद सोमवार रात भी सिलीगुड़ी शहर धुएं के चादर में सिमट गया. इस वजह से शहरवासी आतंकित हो उठे. हालांकि रविवार रात की घटना के करीब 24 घंटे बाद रहस्य से पर्दा हट गया है.
सोमवार सुबह होते ही लोगों ने राहत की सांस ली, पर रात में फिर शहर में धुआं फैल गया. इधर,विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जंगलों में गिरे पत्ते तथा डंपिग ग्राउंड में पड़े कचरे में आग लगाने से धुएं का यह गुबार सिलीगुड़ी शहर के करीब 75 प्रतिशत इलाके में छा गया. कल तक हांलाकि ना तो वन विभाग और ना ही सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिकारी इस बात को मानने के लिए तैयार थे.
आज सोमवार हो हांलाकि वन विभाग ने माना कि पत्तों में आग लगायी गयी थी. हांलाकि वन विभाग का यह भी दावा है कि पत्तों जलाने से इतना अधिक धुआं नहीं हुआ है.
इसक साथ ही यह धुआं लोगों के सेहत के लिए नुकसानदेह भी नहीं है. इसबीच,विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि रात को अचानक धुंएं की वजह डंपिंग ग्राउंड के कचरों व मेडिकल वैस्टेज में लगायी गयी आग है. वहीं, बैकुंठपुर जंगल से सटे नेपाली बस्ती के एक इलाके में पतझड़ों में आंशिक रुप से लगी आग भी धुएं का कारण है.
हालांकि भक्तिनगर थाना की पुलिस और सिलीगुड़ी अग्निशमन केंद्र के अधिकारी डंपिंग ग्राउंड व मेडिकल वैस्टेज में लगी आग को सिरे से नकार रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि सिलीगुड़ी शहर बैकुंठपुर व महानंदा वन्य अभ्यारण्य से घिरा हुआ है. पतझड़ के इस मौसम में प्रत्येक साल ही जंगल में झड़े सूखे पत्तों में आग लगायी जाती है. जिससे जंगल में नये हरे घास व पौधों के निकलने में सुविधा होती है.
बैकुंठपुर वन विभाग की डीएफओ उमा रानी ने भी जंगल के सूखे पत्तों में लगायी गयी आग की बात स्वीकार करते हुए कहा कि नेपाली बस्ती के जंगल इलाके में कल रात को सूखे पत्तों में आंशिक रुप से आग लगायी गयी थी, लेकिन शहर में धुएं की खास वजह डंपिंग ग्राउंड के कचरों व मेडिकज वैस्टेज के ढेर में आग लगना है.
उन्होंने शहर में धुएं को लेकर शहरवासियों को आतंकित न होने और अफवाह न फैलाने की भी गुजारिश की है. विदित हो कि रविवार की रात नौ बजे के बाद अचानक पूरे शहर व आस-पास का इलाका धुंएं से आच्छादित हो गया. देखकर ऐसा लग रहा था मानो शहर को सफेद चादर से ढंक दिया गया है.
धुआं रात तकरीबन दो घंटे यानी 11 बजे तक छाया रहा. इस दौरान लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत देखने को मिली. इस वजह से शहरवासी सहम उठे थे. वन विभाग के खुलासे के बाद शहरवासियों ने आज राहत की सांस ली, पर सोमवार रात फिर धुआं फैलने से आतंकित हो उठे.
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