ससुराल में रहने से बेहतर है जेल जाना

Published at :16 Mar 2018 9:14 AM (IST)
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ससुराल में रहने से बेहतर है जेल जाना

ससुराल वालों के अत्याचार से परेशान हुआ घर जमाई सीमा पर पुलिस ने दबोचा, दावे की हो रही है जांच मालदा : घर जमाई या दामाद बनना कोई सुखद अनुभूति नहीं होती. यह जग जाहिर है. लेकिन इस तरह का जीवन इतना कड़वाहट भरा होगा कि कोई व्यक्ति ससुराल की यातना सहने से बेहतर जेल […]

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ससुराल वालों के अत्याचार से परेशान हुआ घर जमाई
सीमा पर पुलिस ने दबोचा, दावे की हो रही है जांच
मालदा : घर जमाई या दामाद बनना कोई सुखद अनुभूति नहीं होती. यह जग जाहिर है. लेकिन इस तरह का जीवन इतना कड़वाहट भरा होगा कि कोई व्यक्ति ससुराल की यातना सहने से बेहतर जेल की खिचड़ी खाना समझे तो वाकई मामला संगीन लगता है. इसी तरह का आरोप लगाकर एक बांग्लादेशी जमाई ने आखिरी दांव चलते हुए भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की तो वह कालियाचक थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
वहां भी समिरुल इस्लाम (34) ने एक ही बात की. हालांकि पुलिस समिरुल के बयान से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. पूरे मामले की छानबीन की जा रही है. उल्लेखनीय है कि बुधवार की सुबह मोथाबाड़ी फाड़ी के पुलिसकर्मियों ने गश्त के दौरान भारत बांग्लादेश के सीमावर्ती महेशपुर गांव से समिरुल इस्लाम को गिरफ्तार किया. उसने खुद ही कबूल किया कि वह बांग्लादेश के चापाई-नवाबगंज जिले के शिवगंज थाना क्षेत्र का निवासी है.
समिरुल ने कालियाचक थाना पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह अपने ससुरालियों के अत्याचार से आजिज आकर शिवगंज थाना पुलिस से फरियाद की थी. लेकिन उसकी बातों पर वहां की पुलिस ने ध्यान नहीं दिया.
इसीलिये वह बीएसएफ के जवानों की आखों में धूल झोंककर भारतीय सीमा क्षेत्र में अनुप्रवेश कर गया ताकि किसी तरह वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाये. वह जेल में रहकर वक्त गुजारना बेहतर समझता है बनिस्पत कि ससुराल में रहकर अमानवीय अत्याचार से पीड़ित होना.
हालांकि कालियाचक थाना पुलिस ने पूरी तरह समिरुल के बयान पर यकीन नहीं किया है. पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं उसके ताल्लुकात आपराधिक गिरोहों के साथ तो नहीं है. कहीं वह पुलिस से बचने के लिये झूठ के महल तो नहीं बना रहा है. पुलिस सूत्र के अनुसार घटना के रोज वह महेशपुर इलाके में संदिग्ध रुप से चहलकदमी कर रहा था जब मोथाबाड़ी फाड़ी पुलिस की नजर उस पर पड़ी. उससे पूछताछ में पता चला कि वह अपने एक रिश्तेदार के यहां रह रहा है.
उसने बताया कि शिवगंज थाना पुलिस ने उसे इस पारिवारिक मामले को सुलझाने की सलाह दी थी. उसने पुलिस के समक्ष ससुराल में रहते हुए उठायी गयी तकलीफ व यंत्रणाओं से लेकर भारत में घुसपैठ तक की घटना की विस्तृत जानकारी दी है.
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