दीदी की कला के कायल हैं कलाकार अंसार

Published at :24 Dec 2017 1:32 AM (IST)
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दीदी की कला के कायल हैं कलाकार अंसार

ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं… साल से जमा कर रहे हैं ममता बनर्जी की तस्वीरें अखबार में छपी मुख्यमंत्री की सभी तस्वीरों को जमा करते हैं सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कलाकारी का कायल एक कलाकार उनसे एक बार मिलने का सपना संजोए हुए दिन गिन रहा है. इतना ही ममता को लेकर दीवानगी […]

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ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं…

साल से जमा कर रहे हैं ममता बनर्जी की तस्वीरें
अखबार में छपी मुख्यमंत्री की सभी तस्वीरों को जमा करते हैं
सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कलाकारी का कायल एक कलाकार उनसे एक बार मिलने का सपना संजोए हुए दिन गिन रहा है. इतना ही ममता को लेकर दीवानगी ऐसी है कि 80 के दशक से ही वह उनकी तस्वीरें जमा कर रहे हैं. वह ममता बनर्जी की 10 हजार से भी अधिक तस्वीर संग्रह कर चुके हैं. अब वह इन तस्वीरों को लेकर एक खास संग्रहालय बनाने की तैयारी में हैं. वह ममता बनर्जी की कलाकारी के भी दीवाने हैं. इस सख्श का नाम अंसार रहमान है. सिलीगुड़ी के रहनेवाले अंसार रहमान इससे पहले कई बार मुख्यमंत्री से मिलने की विफल कोशिश कर चुके हैं. फिर भी वह एक बार ममता से मिलने की उम्मीद जगाये बैठे हैं.
अंसार रहमान अपने विद्यार्थी जीवन वर्ष 1976 से ही चित्रकारी करने लगे थे. वर्ष 1984 में टालीगंज में विद्यार्थियों ने एक रैली निकाली थी, जिसका नेतृत्व सुश्री बनर्जी कर रही थीं. उसी रैली में अंसार ने पहली बार उन्हें देखा. रैली में उनकी सक्रियता व चमक तेज देख कर वह काफी प्रभावित हुए. तब किसी को यह पता नहीं था कि एक दिन यह छोटी सी लड़की राज्य की मुख्यमंत्री बन जायेगी. ममता बनर्जी उस समय भी कलाकारी करती थीं. उनकी पेंटिंग्स की चर्चाएं होती थीं. स्वयं भी एक कलाकार अंसार ममता की कलाकारी के कायल हो गये. उसके बाद ही उन्होंने सुश्री बनर्जी की अखबारों में प्रकाशित तस्वीरों का संग्रह करना शुरू कर दिया.
10 हजार से अधिक
तस्वीरों का संग्रह
उन्होंने बताया कि उनके पास दीदी की दस हजार से भी अधिक पेपर कटिंग तस्वीरे हैं. सैंकड़ो की संख्या में एलबम बना चुके हैं. कई एलबम काफी आकर्षक तरीके से बनाये गये हैं. इन एलबमों में ममता बनर्जी की कभी पैदल यात्रा तो कभी हेलीकॉप्टर से, व्यस्तता में भी कुछ सीखने की जिज्ञासा, कहीं बच्चों व गुरूजन के प्रति स्नेह व सम्मान तो कभी एक अच्छे प्रशासक के गुणों को भी दर्शाया गया है. तस्वीर के माध्यम से उनके नेतृत्व की क्षमता को खास तौर पर दर्शाया गया है. अंसार रहमान ने दावा किया है कि उनके पास दीदी की कई ऐसी दुर्लभ तस्वीरें है, जो वर्तमान में उपलब्ध होना करीब-करीब असंभव है.
पोस्टर व बैनर से भी काटते हैं तस्वीरें: 1984 से भी पहले की जहां तक संभव हुआ अखबारों में छपी उनकी तस्वीरों की कटिंग शुरू कर दी. तब से लेकर आजतक वे रोजाना राज्य में प्रकाशित हिंदी, बांग्ला, अंग्रेजी, नेपाली व उर्दू अखबारों पर नजर बनाये रखते हैं. शुरुआत में सौ, फिर पांच सौ और फिर हजार तस्वीरें एकत्र हुईं.
इसके बाद ममता बनर्जी की तस्वीर एकत्र करने का जैसे उन पर जुनून सवार हो गया. यहां तक कि बाजार में चटपटा चना-मटर, झालमुड़ी आदि खाने के बाद फेंके गये कागज के ठोंगे को भी वह अच्छी तरह से निहारते हैं कि कहीं उसमें दीदी की तस्वीर तो नहीं. सड़क के किनारे, कचरे के ढेर पर पड़े कागजों पर भी उनकी पैनी नजर होती है. अखबार के अलावा बैनर, पोस्टर, मैगजीन आदि से भी ममता बनर्जी की तस्वीर की कटिंग निकाल कर रखते हैं.
बनाना चाहते हैं संग्रहालय
अंसार रहमान की उम्र 53 वर्ष की हो चली है. वह सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 36 स्थित शांतिनगर बहू बाजार इलाके में रहते हैं. ऐसे वह मूल रूप से राजधानी कोलकाता के टालीगंज के रहनेवाले हैं. अंसार रहमान पेशे से एक फाइन आर्टिटिस्ट हैं. पत्नी व बेटे को लेकर कुल तीन लोगों का इनका परिवार है. अंसार रहमान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चित्रकारी के कायल हैं. वह उनकी तस्वीरों के साथ एक संग्रहालय बनाना चाहते हैं,
लेकिन बिना उनकी सहायता के संग्रहालय बनाने का सपना संभव भी नहीं है. वर्ष 1984 से अब तक उन्होंने समाचार पत्रों से सुश्री बनर्जी की 10 हजार से भी अधिक तस्वीरों का संग्रह किया है. उन तस्वीरों से सैंकड़ो की संख्या में बड़े ही आकर्षक तरीके से उन्होंने एलबम भी तैयार कर रखा है. पर्यटन के इस दौर में वह सरकार से म्यूजियम बनाने के लिए छोटी सी जगह उपलब्ध कराने की अपील कर रहे हैं.
पत्नी भी करती है मदद
दीदी की तस्वीरे संग्रह करने में इनकी पत्नी अर्चना रहमान व बेटा भी इनका साथ देता है. श्रीमती अर्चना ने बताया कि पहले तो अंसार के इस शौक से उन्हें काफी गुस्सा आता था लेकिन बाद में उनके जुनून को देखकर वे भी इसमे शामिल हो गयी. अंसार रहमान रोज सभी अखबार और मैगजीन खरीदना नहीं छोड़ते.
दीदी की तस्वीर भी बनायी
इसके अतिरिक्त उन्होंने दीदी की कई आकर्षक तस्वीरें भी बनायी है. जिनसे उन्हें अच्छी कमाई भी हुयी है. दीदी के अलावा उन्होंने सिलीगुड़ी शहर की भी कुछ आकर्षक तस्वीरें बनायी है. जैसे कंचनजंघा स्टेडियम, सेवक का कोरोनेशन ब्रिज, पार्क, नदी व महानंदा के अलावा भी कई तस्वीरें बना रखी है. शहर के विधान मार्केट इलाके की सड़कों पर मानसिक रूप से बीमार जो एक व्यक्ति भटकते रहता है, उसकी भी तस्वीर उन्होंने बना रखी है.
बातचीत के दौरान अंसार रहमान ने बताया कि इन तस्वीरों को संजोए रखने के लिए वे एक संग्रहालय बनाना चाहते हैं. लेकिन आर्थिक अभाव की वजह से वह सक्षम नहीं है. इसके लिए वह एक बार अपने आदर्श राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने काफी प्रयत्न भी किया है. वार्ड पार्षद से लेकर मंत्री गौतम देव से भी गुहार लगायी. उन्होंने आगे बताया कि वाम मोरचा सरकार ने सरकारी स्कूलों से अंग्रेजी शिक्षा को समाप्त करने की पहल की थी. उसके विरोध में आंदोलन के लिए जो समिति थी,उसके सदस्य भी वह रह चुके हैं.
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