सराहनीयlपाकुआहाट प्राथमिक विद्यालय को शिशु मित्र पुरस्कार

Published at :24 Dec 2017 1:25 AM (IST)
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सराहनीयlपाकुआहाट प्राथमिक विद्यालय को शिशु मित्र पुरस्कार

शांति निकेतन जैसा वातावरण बनाने का प्रयास विद्यालय में सभी बुनियादी सुविधाएं और हरियाली मालदा : पाकुआहाट प्राथमिक विद्यालय शांति निकेतन की राह पर चलने लगा है. स्कूल के प्रधान शिक्षक व सरकारी मदद ने इस विद्यालय को एक नयी दिशा दी है. गत 15 दिसंबर को कोलकाता के महाजाति सदन में स्कूल को शिशु […]

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शांति निकेतन जैसा वातावरण बनाने का प्रयास

विद्यालय में सभी बुनियादी सुविधाएं और हरियाली
मालदा : पाकुआहाट प्राथमिक विद्यालय शांति निकेतन की राह पर चलने लगा है. स्कूल के प्रधान शिक्षक व सरकारी मदद ने इस विद्यालय को एक नयी दिशा दी है. गत 15 दिसंबर को कोलकाता के महाजाति सदन में स्कूल को शिशु मित्र पुरस्कार प्रदान किया गया. विद्यालय के पुरस्कृत होने से विद्यालय के अभिभावक व स्थानीय लोगों में काफी खुशी है.
ज्ञातव्य है कि 1999 में वामो सरकार के समय में यह विद्यालय टीन की छतवाले एक कमरे में था. चारों तरफ से खुला था. कहीं भी चहारदिवारी नहीं होने पर स्थानीय लोग अपनी मर्जी के मुताबिक इस जगह का इस्तेमाल करते थे. बच्चों के लिए शौचालय को दूर की बात, पेयजल की उचित व्यवस्था भी नहीं थी.
एक ट्यूबवेल था, जो प्राय: खराब रहता था. ऐसी ही करुण स्थिति पाकुआहाट मैनेज्ड प्राथमिक विद्यालय की थी. बामनगोला सर्कल के अंतर्गत इस गांव का नाम है मिर्जापुर है. इस हालत में विद्यालय में प्रधान शिक्षक थे प्रदीप कुमार दास. पदोन्नति के बावजूद उन्होंने इस पिछड़े विद्यालय का चयन किया. वास्तव में उन्होंने चुनौती को स्वीकार किया एवं चरणबद्ध रूप से विद्यालय का निर्माण कराया. विद्यालय व बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए चहारदीवारी की व्यवस्था की.
छह कक्षाओं को पक्का बनाया गया. प्रधान शिक्षक के लिए अलग कमरा बनाया गया. पेयजल के लिए पंप की व्यवस्था की गई. शौचालय का भी निर्माण कराया गया. विद्यालय प्रांगण में फूलों का बागान व कई प्रकार की सब्जियां उगायी गयी. यहां तक कि बागान में औषधीय पौधे भी लगाये गये.
आज चारों तरफ हरियाली के बीच पक्षियों के मधुर स्वर शांति निकेतन का अहसास करा रहा है. विद्यालय में सांस्कृतिक चर्चा के लिए एक अलग मंच बनाया गया. संबंधित ब्लॉक में उनका विद्यालय ही एक उदाहरण है. हालांकि मंच का निर्माण कार्य जारी है. जिले के इस तरह के एक विद्यालय को शिशु मित्र पुरस्कार नहीं दिया जाना अन्याय होगा.
डीपीओ कौशिक राय ने बताया कि इस शिक्षा सत्र में प्राथमिक विभाग में दो विद्यालय को शिशु मित्र पुरस्कार प्रदान करने के लिए चयन किया गया. जिसमें देवकीपुर पीपी प्राथमिक विद्यालय के साथ पाकुआहाट मैनेज्ड प्राथमिक विद्यालय शामिल है. पुरस्कार प्राप्त करने के लिए यह विद्यालय पूरी तरह से उपयुक्त है.
ज्ञातव्य है कि पाकुआहाट मैनेज्ड प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की संख्या 68 है. शिक्षक व शिक्षिकाओं की संख्या छह है. प्रधान शिक्षक ने बताया कि इसके बाद भी विद्यालय के अनेक कार्य बाकी है. प्रधान शिक्षक ने बताया कि विद्यालय मेरे घर की तरह है. जिस तरह से अपने घर की प्रत्येक ईंट मुझसे परिचित है, इसी तरह मेरे विद्यालय की एक-एक ईट मुझसे वाकिफ है. पहले यह क्षेत्र स्थानीय लोगों की उपेक्षा का स्थल था, लेकिन आज सभी ने सहयोग के लिए हाथ बढ़ा दिया है. यह हमलोगों के लिए बड़ी देन है.
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