नामची अदालत के फैसले को सीआइडी ने दी चुनौती

Published at :07 Nov 2017 10:51 AM (IST)
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नामची अदालत के फैसले को सीआइडी ने दी चुनौती

सिलीगुड़ी. अलग गोरखालैंड राज्य के लिए हुए आंदोलन के मामले में गोजमुमो नेता तथा जीटीए सभासद सावित्री छेत्री को अपनी कस्टडी में लेने के लिए सीआइडी ने सिक्किम की अदालत में अपील दायर की है. इसके लिए कलकत्ता हाइकोर्ट के एक वकील को सीआइडी ने पूरी तैयारी के साथ सिक्किम की अदालत में उतारा है. […]

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सिलीगुड़ी. अलग गोरखालैंड राज्य के लिए हुए आंदोलन के मामले में गोजमुमो नेता तथा जीटीए सभासद सावित्री छेत्री को अपनी कस्टडी में लेने के लिए सीआइडी ने सिक्किम की अदालत में अपील दायर की है. इसके लिए कलकत्ता हाइकोर्ट के एक वकील को सीआइडी ने पूरी तैयारी के साथ सिक्किम की अदालत में उतारा है. जबकि गिरफ्तारी प्रक्रिया में बरती गयी खामियों के आधार पर सिक्किम के नामची अदालत ने गोजमुमो नेता सावित्री छेत्री की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. नामची अदालत ने उन्हें स्थायी जमानत भी दे दी है.
अलग राज्य गोरखालैंड की मांग पर चले इस बार के करीब साढ़े तीन महीने के आंदोलन के दौरान कई हिंसक घटनाएं घटी हैं. दार्जिलिंग जिला पुलिस ने गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग के साथ कई आला नेताओं के खिलाफ देशद्रोह सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. राज्य सरकार द्वारा हिंसक व विस्फोट मामलों के जांच की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद सीआइडी ने गोजमुमो के कई दिग्गजों को गिरफ्तार किया है.

कई गोजमुमो नेताओं के पड़ोसी राज्य सिक्किम में छिपे होने की गुप्त जानकारी मिलने के बाद बीते एक सितंबर को दार्जिलिंग पुलिस व सीआइडी ने नामची में अभियान चालाया. इस अभियान में पुलिस ने 9 गोजमुमो नेताओं के साथ सावित्री छेत्री को भी हिरासत में लिया. सीआइडी ने अपने रिकॉर्ड में इन गोजमुमो नेताओं को पश्चिम बंगाल राज्य के सेवक के निकट से गिरफ्तार बताया. बिना जानकारी दूसरे राज्य में अभियान चलाने को लेकर सिक्किम पुलिस ने एक विवाद खड़ा किया. जबकि उचित एफआइआर व गिरफ्तारी की जानकारी के बिना सिक्किम पुलिस ने सावित्री छेत्री को दार्जिलिंग जिला पुलिस के हाथों सौंपने से इनकार कर दिया.

इस विवाद की वजह से दार्जिलिंग पुलिस व सीआइडी सावित्री छेत्री को अपनी कस्टडी में लिये बगैर ही वापस लौट आयी. अगले दिन सावित्री छेत्री ने नामची अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की. नामची अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार कर उन्हें स्थायी जमानत दे दी. गिरफ्तारी में बरती गयी खामियों की वजह से ही नामची अदालत ने यह निर्णय लिया. मामले की अगली तारीख में सीआइडी ने सावित्री छेत्री को अपने गिरफ्त में लेने की भरसक कोशिश की लेकिन निराशा हाथ लगी. नामची अदालत ने दूसरे राज्य में कानून के खिलाफ जाकर अभियान चलाने का आरोप लगाकर सावित्री छेत्री को स्थायी जमानत दे दी.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नामची अदालत के फैसले को सीआइडी ने सिक्किम अदालत में चुनौती दी है. कलकत्ता हाइकोर्ट के दिग्गज वकीलों की सहायता से सीआइडी ने सावित्री छेत्री को बंगाल सीआइडी को सौंपने की लिए अपील फाइल की गयी है.
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