आवास नहीं बनने तक घर व बिजली के किराये का नियमित भुगतान करेगा प्रबंधन

Updated at : 10 Apr 2024 9:38 PM (IST)
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आवास नहीं बनने तक घर व बिजली के किराये का नियमित भुगतान करेगा प्रबंधन

सालानपुर एरिया प्रबंधन की वादाखिलाफी के विरोध में फूटा लोगों का गुस्सा- आंदोलन के बाद समझौता

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आसनसोल/रूपनारायणपुर.

वादे के अनुसार नया मकान नहीं बनने तक लोगों को किराये के मकान में रखने का सारा खर्च इसीएल सालानपुर एरिया प्रबंधन द्वारा भुगतान करने के समझौता का उल्लंघन होने पर बुधवार को भुइयां समाज के बैनर तले स्थानीय गौरांडी बेगुनिया खदान में खनन और परिवहन का कार्य सुबह से ही बंद कर दिया गया. भुइयां समाज उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष सिंटू कुमार भुइयां ने कहा कि बेगुनिया खदान के विस्तारीकरण के दौरान माइंस के किनारे बसे लोगों को हटाया गया था. इस दौरान इसीएल प्रबंधन के साथ एक लिखित समझौता हुआ था कि यहां के लोगों को प्रबंधन की ओर से नया घर बनाकर दिया जायेगा. घर में बिजली पानी की भी व्यवस्था होगी. जबतक यह घर नहीं बन जाते तब तक इनलोगों को आस-पास के गांवों में किराये के मकानों में रखा जायेगा. घर और बिजली का जो भी किराया होगा, उसका भुगतना प्रबंधन करेगा. जिस घर में ये लोग किराये में रह रहे थे, उसके मालिक ने घर और बिजली का किराया नहीं मिलने पर मंगलवार रात को बिजली कनेक्शन काटकर घरों में ताला लगा दिया. जिसके विरोध में बुधवार को इन लोगों ने एकजुट होकर बेगुनिया माइंस में आकर आंदोलन करने लगे. सुबह से लेकर दोपहर तक आंदोलन चला. महाप्रबंधक के हस्तक्षेप से बाद बेगुनिया कोलियरी के प्रबंधक और कार्मिक प्रबंधक के साथ एक लिखित समझौता हुआ कि जबतक लोगों को नये मकानों में शिफ्ट नहीं किया जाता है, तबतक उनके रहने के आवास का किराया और बिजली बिल का भुगतान प्रबंधन करेगा. जिसके बाद दोपहर करीब तीन बजे आंदोलन समाप्त हुआ.

गौरतलब है कि गौरांडी बेगुनिया ओसीपी को इसीएल प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग में दे दिया है. आउटसोर्सिंग कंपनी ने जब इस खदान में कार्य शुरू किया तो खदान के आसपास बसे घर इसके लिए खतरा बन गये. ओसीपी का विस्तारीकरण भी रुक गया. आये दिन इनलोगों का प्रबंधन का विवाद होता और खदान बंद कर दिया जाता. इस समस्या के समाधान के लिए यहां के लोगों को हटाना ही एकमात्र विकल्प था. आखिरकार प्रबंधन ने एक बीच का रास्ता निकाला और यहां के लोगों को अन्य किसी दूसरी जगह बसाने का निर्णय लिया. जिसके लिए बाराबनी थाना क्षेत्र के जामग्राम इलाके में 26 आवास बनाये गये. इन आवासों में सभी को शिफ्ट नहीं किया जा सकता था. इस दौरान 21 अगस्त 2023 को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. जिसमें सालानपुर एरिया के महाप्रबंधक सहित संबंधित विभाग से जुड़े सारे अधिकारी, बाराबनी थाना के प्रभारी, बाराबनी ब्लॉक तृणमूल के अध्यक्ष, स्थानीय ग्राम पंचायत के प्रधान और भुइयां समाज के प्रतिनिधि शामिल थे. जिसमें एक लिखित समझौता हुआ कि भुइयांपाड़ा के सभी लोग को शिफ्ट करने के लिए 38 और नये आवास बनाये जायेंगे. जबतक ये आवास नहीं बनते हैं तब तक उन्हें रहने के लिए किराये पर घर और बिजली बिल का भुगतान किया जायेगा. इस शर्त पर वे लोग खदान के किनारे से हट कर किराये के मकान में चले आये. सिंटू भुइयां ने कहा कि नये मकान का कार्य भी समय पर पूरा नहीं हुआ और मकान मालिक को किराया नहीं मिलने से घर पर ताला मार दिया गया. आखिरकार प्रबंधन ने पुरानी शर्तों के आधार पर किराया का सारा पैसा भुगतान करने का पुनः लिखित समझौता किया.

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