बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 22 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति, 295 पर ‘गंभीर’ क्रिमिनल केस, ADR रिपोर्ट में खुलासा

West Bengal Election 2026 ADR Report: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के उम्मीदवारों का ADR विश्लेषण. 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले और 22 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति. भाजपा और टीएमसी के दागियों का पूरा डेटा यहां पढ़ें.
West Bengal Election 2026 ADR Report: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का रण और भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने दूसरे चरण के उम्मीदवारों की आर्थिक और आपराधिक कुंडली खोलकर रख दी है.
16 उम्मीदवारों पर हत्या जैसे संगीन आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, इस चरण में ताल ठोंक रहे 22 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति हैं. लगभग 23 प्रतिशत उम्मीदवारों का पुराना नाता अपराध की दुनिया से रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 16 उम्मीदवारों पर हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं.
दागी उम्मीदवार देने में BJP और CPIM सबसे आगे
एडीआर ने 1,445 उम्मीदवारों के हलफनामों का गहन विश्लेषण किया. इसमें अपराध का ग्राफ काफी ऊपर नजर आ रहा है.
- 338 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से 295 (20 प्रतिशत) पर हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं.
- आपराधिक मामलों में भाजपा सबसे आगे है. इस पार्टी के 72 प्रतिशत उम्मीदवारों पर केस दर्ज हैं. इसके बाद माकपा (51 प्रतिशत), टीएमसी (35 प्रतिशत) और कांग्रेस (26 प्रतिशत) का नंबर आता है.
- 16 उम्मीदवारों ने खुद स्वीकार किया है कि उन पर हत्या का मुकदमा चल रहा है, जबकि 80 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास का आरोप है.
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142 में 63 विधानसभा रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र
रिपोर्ट में राज्य के 142 निर्वाचन क्षेत्रों में से 63 (44 प्रतिशत) को ‘रेड अलर्ट’ क्षेत्र घोषित किया गया है. ये वे सीटें हैं, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. ऐसे में इन इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी.
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करोड़पतियों की फौज, TMC के 73 प्रतिशत प्रत्याशी रईस
- कुल 321 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक है.
- तृणमूल कांग्रेस के 73 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं. भाजपा के 52 प्रतिशत, कांग्रेस के 25 प्रतिशत और माकपा के 33 प्रतिशत प्रत्याशी इस क्लब में शामिल हैं.
- दूसरे चरण के प्रत्येक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 1.21 करोड़ रुपए है. हालांकि, पार्टीवार देखें, तो टीएमसी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे ज्यादा 5.05 करोड़ रुपए है.
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West Bengal Election 2026 ADR Report: आमने-सामने की जंग
एडीआर की इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि बंगाल की सत्ता तक पहुंचने का रास्ता काफी ‘महंगा’ और ‘पथरीला’ है. एक तरफ जहां पार्टियों ने अमीर चेहरों पर भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ दागी उम्मीदवारों की बड़ी संख्या ने चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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