बंगाल चुनाव : अमीर उम्मीदवार बनाम गरीब जनता, कोई 133 करोड़ का मालिक, तो किसी की जेब में 500 रुपए

Published by :Mithilesh Jha
Published at :21 Apr 2026 8:30 AM (IST)
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ADR Report West Bengal Elections 2026

ADR Report: पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा. जानें कौन है सबसे अमीर और किसके पास है सबसे कम संपत्ति. भाजपा और टीएमसी के दागी उम्मीदवारों का पूरा कच्चा चिट्ठा.

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ADR Report: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का चुनावी रण अब केवल दावों और वादों तक सीमित नहीं रह गया है. उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों ने अमीरी और गरीबी की एक ऐसी खाई को उजागर किया है, जो चौंकाने वाली है.

दिहाड़ी मजदूरी से भी कम संपत्ति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक तरफ करोड़ों की संपत्ति वाले ‘कुबेर’ चुनाव मैदान में हैं, तो कुछ ऐसे भी प्रत्याशी हैं, जिनकी कुल संपत्ति एक सामान्य दिहाड़ी मजदूर की एक दिन की कमाई से भी कम है.

करोड़पतियों की फौज : जाकिर हुसैन सबसे अमीर

पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें से लगभग पांचवां हिस्सा करोड़पतियों का है.

  • टॉप-3 रईस : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जंगीपुर से उम्मीदवार जाकिर हुसैन 133 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ सबसे अमीर प्रत्याशी हैं. उनके बाद बरजोड़ा से गौतम मिश्रा (105 करोड़ रुपए) और दुर्गापुर पश्चिम से कवि दत्त (72 करोड़ रुपए) का नंबर आता है.
  • पार्टीवार स्थिति : करोड़पतियों की संख्या में TMC सबसे आगे है, जिसके 106 उम्मीदवार करोड़पति हैं. भाजपा के 71, कांग्रेस के 50 और माकपा (CPM) के 24 उम्मीदवारों के पास करोड़ों की संपत्ति है.

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आश्चर्यजनक गरीबी : महज 500 रुपये की संपत्ति

अमीरों के इस रेले के बीच कुछ ऐसे भी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जो अपनी सादगी या आर्थिक तंगी के कारण चर्चा में हैं.

  • रुबिया बेगम (AJUP): दुर्गापुर पूर्व से चुनाव लड़ रही रुबिया बेगम ने अपनी कुल संपत्ति केवल 500 रुपए घोषित की है.
  • सुश्रिता सोरेन (SUCI): मेदिनीपुर से मैदान में उतरीं सुश्रिता के पास कुल 700 रुपए की संपत्ति है.
  • यशोदा बर्मन : जलपाईगुड़ी की इस उम्मीदवार ने हलफनामे में 924 रुपए की संपत्ति घोषित की है.

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ADR Report: BJP और TMC में क्रिमिनल रिकॉर्ड की होड़

संपत्ति के साथ-साथ उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास ने भी चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  • भाजपा (BJP): आपराधिक मामलों में भाजपा सबसे आगे है. पार्टी के 152 उम्मीदवारों में से 106 पर क्रिमिनल केस लंबित हैं. इनमें से 96 मामले बेहद गंभीर श्रेणी के हैं.
  • तृणमूल (TMC): टीएमसी के 148 उम्मीदवारों में से 63 पर आपराधिक केस हैं. 48 पर गंभीर प्रकृति के मुकदमे दर्ज हैं.
  • कुल औसत : हर 5 में से एक उम्मीदवार (20 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहा है.

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शिक्षा और अन्य पहलू

रिपोर्ट यह भी बताती है कि उम्मीदवारों के बीच शिक्षा और उम्र को लेकर भी बड़ी विविधता है. हालांकि, इस बार मुख्य फोकस धनबल और बाहुबल पर है. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि सभी उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, ताकि मतदाता एक जागरूक फैसला ले सकें.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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