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नदिया की मनु का दर्द : मां ने कर ली दूसरी शादी, कहां से लाए पिता का डेथ सर्टिफिकेट

Updated at : 30 Dec 2025 7:35 AM (IST)
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SIR Hearing in Nadia West Bengal

नदिया में एसआईआर सत्यापन के लिए कतार में खड़ी महिलाएं. फोटो : पीटीआई

SIR Hearing West Bengal: मनु बचपन से ही तिमिर घोष को पिता मानकर बड़ी हुई. आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित उसके सभी दस्तावेजों में पिता का नाम तिमिर घोष है. वर्तमान में मनु शादीशुदा है और उसके ससुराल के पते में भी पिता के तौर पर तिमिर घोष का ही नाम दर्ज है.

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SIR Hearing West Bengal: पश्चिम बंगाल में एसआईआर की सुनवाई के दौरान नदिया जिले के राणाघाट में एक युवती को ऐसे सवालों का सामना करना पड़ा, जिसने उसकी निजी जिंदगी के पुराने घावों को हरा कर दिया. सुनवाई के दौरान पिता का डेथ सर्टिफिकेट मांगे जाने पर युवती फूट-फूट कर रोने लगी. उसकी भावनात्मक स्थिति को देख सुनवाई के लिए बुलाये गये अन्य लोग भी राणाघाट सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने इकट्ठा हो गये.

राणाघाट की मनु मित्रा का 1997 में हुआ जन्म

राणाघाट की रहने वाली मनु मित्रा का जन्म वर्ष 1997 में हुआ था. उसके जन्म प्रमाण पत्र और शुरुआती स्कूल रिकॉर्ड में पिता का नाम प्रबीर दास दर्ज है. हालांकि, मनु के स्कूल जाने के कुछ समय बाद ही उसके माता-पिता अलग हो गये और वह अपनी मां के साथ रहने लगी. इसके बाद उसकी मां ने राणाघाट के दक्षिणपाड़ा निवासी तिमिर घोष से दूसरी शादी कर ली.

SIR Hearing West Bengal: तिमिर घोष को पिता मानकर बड़ी हुई मनु

मनु बचपन से ही तिमिर घोष को पिता मानकर बड़ी हुई. आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित उसके सभी दस्तावेजों में पिता का नाम तिमिर घोष है. वर्तमान में मनु शादीशुदा है और उसके ससुराल के पते में भी पिता के तौर पर तिमिर घोष का ही नाम दर्ज है.

2002 की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है मनु की मां का नाम

समस्या वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट से जुड़ी है, जिसमें मनु की मां का नाम दर्ज नहीं है. नियमों के अनुसार, इस स्थिति में जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है. जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम प्रबीर दास है. इसलिए सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने मनु से जन्म देने वाले पिता का डेथ सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने को कहा.

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2 दशक पहले ही टूट गया जैविक पिता से संबंध

यह सुनते ही मनु भावुक हो गयी. उसने बताया कि उसके माता-पिता का रिश्ता करीब 2 दशक पहले टूट गया. तब से उसका अपने जैविक पिता से कोई संपर्क नहीं रहा. उसने सुना था कि कुछ वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन उनके मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी या पहुंच उसके पास नहीं है.

पहचान और अधिकारों के लिए चिंतित मनु

प्रशासनिक भवन के सामने रोते हुए मनु ने कहा कि जिस व्यक्ति ने उसे पाला-पोसा और जिसे वह अपने पिता के रूप में जानती है, उसी का नाम उसके सभी दस्तावेजों में दर्ज है. अब जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर उससे ऐसे व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है, जिससे उसका वर्षों से कोई संबंध नहीं है. उसने आशंका जतायी कि यदि नाम हटा दिया गया, तो उसकी पहचान और अधिकारों का क्या होगा.

मनु को नहीं मिला ठोस भरोसा

सुनवाई के बाद बाहर निकले लोगों ने युवती को रोते देख सहानुभूति जतायी. अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है. हालांकि, कागजी प्रक्रिया और भावनात्मक सच्चाई के बीच फंसी मनु को कोई ठोस भरोसा नहीं मिल सका है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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