Table of Contents
Sandeshkhali News: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली एक बार फिर चर्चा में है. कभी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमला करने की वजह से, तो कभी तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन नेता शेख शाहजहां की अय्यासी की वजह से चर्चा में आया तटीय क्षेत्र इस बार पुलिस की टीम पर हमले की वजह से चर्चा में है. इस बार चर्चा के केंद्र में है शेख शाहजहां का समर्थक मूसा मोल्ला.
मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर हमला
संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया. इसमें एक अधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हो गये. इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की टीम पर हमला करने के मुख्य आरोपी मूसा मोल्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
जल निकायों और भूमि पर कब्जा करने बोयरमारी गांव गयी थी पुलिस
पुलिस ने बताया है कि उत्तर 24 परगना के नजात थाने की एक टीम मत्स्य पालन के लिए जल निकायों और भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने वाले मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने के लिए शुक्रवार की रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी गांव गयी थी. अधिकारी मोल्ला को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाने लगी, तो टीएमसी नेता के समर्थकों ने कार को घेर लिया और पुलिस टीम पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिये.
Sandeshkhali News: भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया मूसा मोल्ला
उग्र भीड़ का फायदा उठाकर मोल्ला वहां से फरार हो गया. पुलिस का कहना है कि मूसा मोल्ला को जमीन विवाद मामले में कई बार नोटिस भेजा गया, लेकिन उसने उन्हें नजरअंदाज कर दिया. खेती योग्य भूमि में खारा पानी भरने की शिकायतों के बाद, बशीरहाट उपमंडल अदालत ने विवादित संपत्ति पर निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमले के बाद पुलिस ने 9 लोगों को किया गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हिंसा भड़काने के आरोप में बोयरमारी ग्राम पंचायत के प्रधान और उप-प्रधान को हिरासत में ले लिया. दोनों तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता हैं. आसपास के घरों में छापेमारी की गयी. अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किये जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में है.
भाजपा ने कहा- टीएमसी की हताशा और दुस्साहस को दर्शाता है हमला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सजल घोष ने कहा है कि हमला ममता बनर्जी की सरकार में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं की ‘हताशा और दुस्साहस’ को दर्शाता है. पहले केंद्रीय एजेंसियों पर हमले हुए और अब राज्य पुलिस पर हमले हो रहे हैं.
घटना से खुद को अलग करने की कोशिश में टीएमसी
तृणमूल ने इस घटना से खुद को अलग करने की कोशिश की है. पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने हमले को ‘निंदनीय’ करार दिया. कहा कि पार्टी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती. उन्होंने कहा कि पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है. वे जो भी कार्रवाई करेंगे, पार्टी उसका समर्थन करेगी.

