ePaper

शुभेंदु अधिकारी के गृह जिले में ही भाजपा हुई कमजोर, मेदिनीपुर के कई ग्राम पंचायतों पर तृणमूल का कब्जा

Updated at : 23 Feb 2026 11:19 AM (IST)
विज्ञापन
शुभेंदु अधिकारी के गृह जिले में ही भाजपा हुई कमजोर, मेदिनीपुर के कई ग्राम पंचायतों पर तृणमूल का कब्जा

Bengal News: बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं. जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हर जगह राजनीतिक माहौल बदल रहा है. विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी के गृह जिले में भाजपा की ताकत कम हो गई है. भाजपा ने विधायक अशोक दिंदार की विधानसभा सीट पर ग्राम पंचायत का नियंत्रण खो दिया.

विज्ञापन

Bengal News: पूर्वी मेदिनीपुर. पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले में भगवा खेमे को करारी शिकस्त मिली है. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दल-बदल का सिलसिला शुरू हो गया. तृणमूल ने पूर्वी मिदनापुर के मैना से भाजपा के प्रभावशाली नेता चंदन मंडल को पार्टी में शामिल करके सबको चौंका दिया. रविवार को पंचायत प्रमुख समेत सौ से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

10 पंचायतों पर था भाजपा का कब्जा

पूर्वी मेदिनीपुर जिले के मैना ब्लॉक की गोजिना ग्राम पंचायत पिछले पंचायत चुनावों में भाजपा के नियंत्रण में थी. भाजपा के पास 10 पंचायत सीटें थीं और तृणमूल के पास 7 पंचायत सदस्य थे. इस दल बदल के बाद इलाके का राजनीतिक समीकरण बदल गया है. गोजिना ग्राम पंचायत अब तृणमूल के कब्जे में आ गयी है. हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

सौ से अधिक कार्यकर्ता ने छोड़ी पार्टी

गोजिना की मुखिया खुक्कू रानी मंडल और पंचायत सदस्य काकली चौधरी ने भाजपा छोड़कर तृणमूल का दामन थाम लिया है. इन दोनों के साथ पंचायत के लगभग सौ और नेता भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल हो गये. रविवार को सभी एक साथ तृणमूल की सदस्यता ग्रहण की. तृणमूल में शामिल होने के बाद महिला ग्राम पंचायत प्रमुख को ममता बनर्जी से खूब प्रशंसा मिली. उन्होंने लक्ष्मी भंडार का मुद्दा भी उठाया.

ममता दीदी ही कर रही हैं विकास

खुक्कू रानी ने कहा- मैं 2023 में भाजपा में शामिल हुई. मैं अध्यक्ष बनी. मुझे जनता के विकास के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन अब मैं विकास नहीं कर सकती, क्योंकि केंद्र ने सभी परियोजनाओं को रोक दिया है. हमारा विकास दीदी ममता के नेतृत्व में हो रहा है. पहले दीदी लक्ष्मी भंडार को 1,000 रुपये देती थीं. अब यह 1,500 रुपये हो गया है. इसलिए मैंने भाजपा छोड़ दी और तृणमूल में शामिल हो गयी.

अशोक दिंडा पर निकाला गुस्सा

दल-बदल करते हुए चंदन बाबू ने मैना के भाजपा विधायक अशोक दिंडा पर अपना गुस्सा निकाला. हालांकि, एक-दो दिन के भीतर ही मैना के पूर्व विधायक संग्राम दलुई पद्मा पार्टी में वापस आ गए. वहीं दूसरी ओर, मैना के एक और नेता आलोक बेरा भी पद्मा पार्टी में शामिल हो गए. दल-बदल के इस सिलसिले के बीच, पंचायत प्रमुख ने भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल हो गए.

लक्ष्मी भंडार परियोजना की हुई खूब तारीफ

पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने लक्ष्मी भंडार परियोजना की खूब तारीफ की. इस दल बदल के पीछे ममता बनर्जी की लक्ष्मी भंडार योजना का असर बताया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि लक्ष्मी भंडार परियोजना ने तृणमूल की ताकत बढ़ाने में काफी हद तक मदद की है.

Also Read: तृणमूल में कभी नंबर 2 पर थे मुकुल रॉय, दल बदल के कारण खत्म हुआ कांचरापारा के बेटे का पॉलिटिकल कॅरियर

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola