मालदा कांड पर सलीम का विस्फोटक बयान- जब अन्याय कानून बन जाये, तो बगावत ही रास्ता, वोटर लिस्ट ‘गरीबों के खिलाफ युद्ध’

Md Salim CPIM Defends Malda Incident: माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने मालदा में जजों को बंधक बनाने की घटना का समर्थन किया है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने को गरीबों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश बताया है. पढ़ें यह रिपोर्ट.
Md Salim CPIM Defends Malda Incident: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों (जजों) को बंधक बनाये जाने की घटना ने नया सियासी मोड़ ले लिया है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के राज्य सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम ने इस हिंसा का बचाव करते हुए इसे जनता का ‘स्वाभाविक प्रतिरोध’ करार दिया है. सलीम ने दो टूक कहा कि जब प्रशासन और निर्वाचन आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने लगते हैं, तो जनता का सड़कों पर उतरना तय है.
अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध ही एकमात्र विकल्प : सलीम
मालदा की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहम्मद सलीम ने कहा- जब अन्याय ही कानून बन जाये, तो प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता रह जाता है. मालदा में जो हुआ, वह केंद्र और राज्य दोनों की विफलता का नतीजा है. जब लोगों की नागरिकता और वोट देने का अधिकार छीना जायेगा, तो ऐसे आंदोलन दुनिया भर में होते आये हैं.
SIR पर गंभीर आरोप – यह AI टूल का खेल है
सलीम ने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को विभाजनकारी बताते हुए इसे ‘गरीबों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ युद्ध’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और क्षेत्र के आधार पर चुन-चुनकर नाम हटाये जा रहे हैं, ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके. सलीम ने दावा किया कि एक पक्षपाती एआई टूल के जरिये बंगाली नामों, उनके उच्चारण और वर्तनी को समझे बिना ही लिस्ट से नाम गायब कर दिये गये. यह प्रक्रिया मतुआ समुदाय, शरणार्थियों, मुसलमानों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है.
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बीडीओ से लेकर सीईओ तक न्याय देने में विफल : माकपा
माकपा नेता ने कहा कि बीडीओ से लेकर सीईओ तक सभी अधिकारी न्याय देने में विफल रहे हैं. इससे प्रशासन का चरित्र ‘पुलिस राज्य’ (Police State) जैसा हो गया है. उन्होंने विधायिका और कार्यपालिका की विफलता पर दुख जताते हुए कहा कि दिल्ली के शासक न तो बंगाल को समझते हैं, न बंगालियों को. जब तंत्र विफल होता है, तो नौकरशाही और पुलिस शक्तिशाली हो जाती है और जनता का गुस्सा इसी तरह सामने आता है.
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Mohammed Salim CPIM Defends Malda Incident: गठबंधन के साथियों की गिरफ्तारी पर नाराजगी
मालदा हिंसा के मामले में अब तक 35 लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं. इसमें माकपा के सहयोगी दल ISF के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और वकील मोफक्करुल इस्लाम भी शामिल हैं. सलीम ने इन गिरफ्तारियों और एनआईए (NIA) जांच के बीच जनता की ताकत को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी है.
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By Mithilesh Jha
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