चिटफंड कंपनी के जरिये 350 करोड़ की ठगी कर तृणमूल नेता का पुत्र फरार
Updated at : 24 Oct 2025 1:38 AM (IST)
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तृणमूल अल्पसंख्यक सेल के जिला स्तरीय नेता के बेटे की हरकत से आसनसोल में हंगामा
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लोगों ने आरोपी के घर का किया घेराव, तृणमूल नेता व उनके दो बेटों पर मामला दर्ज
आसनसोल. आसनसोल नॉर्थ थाना के जहांगीरी मोहल्ला इलाके में बुधवार शाम को सैकड़ों लोगों ने स्थानीय तृणमूल नेता शकील अहमद उर्फ मास्टर के घर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मास्टर के बेटे तहसीन अहमद पर शिल्पांचल के तकरीबन तीन हजार लोगों से करीब 350 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया. आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के एक नंबर मोहिशिला कॉलोनी बटतला बाजार इलाके की निवासी मौटूषि दत्ता ने इस मुद्दे को लेकर आसनसोल नॉर्थ थाने मे एक लिखित शिकायत दर्ज करायी है. जिसके आधार पर पुलिस ने शकील अहमद और उसके दो पुत्र तहसीन अहमद व मोहसिन अहमद को नामजद आरोपी बनाकर प्राथमिकी दर्ज की है. इस मुद्दे ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मुद्दे को लेकर एक्स पर अपना संदेश पोस्ट किया. हालांकि, तृणमूल ने पल्ला झाड़ लिया है. तृणमूल अल्पसंख्यक सेल के जिलाध्यक्ष ने सफाई दी कि शकील अहमद को जिला में अल्पसंख्यक सेल का उपाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन उनके बेटे तहसीन अहमद का नाम ठगी के मामले से जुड़ने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है.कैसे लोगों को फंसा कर की ठगी
मौटूषि दत्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि 27 मई 2024 को उन्होंने चार लाख रुपये तहसीन अहमद के ट्रेडिंग कंपनी में निवेश किया. प्रतिमाह 15 फीसदी ब्याज देने की बात थी. इसके बाद दो किस्तों में और 45 लाख रुपये निवेश किया. इस साल फरवरी माह से उसने ब्याज देना बंद कर दिया. बार-बार संपर्क करने के बाद उसने अक्तूबर में सारा पैसा लौटने का वादा किया. 18 अक्तूबर को जब उसके घर गयी तो उक्त तीनों लोगों ने उनके साथ असभ्य आचरण किया और बदसलूकी की. बीएसएफ के रिटायर्ड अधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने लोगों की बातों में आकर पहले तीन लाख रुपये लगाये थे. जब उन्होंने देखा कि रिटर्न अच्छा मिल रहा है तो धीरे-धीरे 41 लाख रुपये निवेश कर दिया है. पैसा मिलना बंद हो गया तब तहसीन से पैसे की बात करने पर वह बहाने बाजी करने लगा. उन्हें देखकर उनके अनेकों पहचान वालों ने डेढ़ करोड़ से ऊपर पैसा लगाया था. सबका पैसा भी डूब गया है. इस मामले को राज्य के कानून मंत्री मलय घटक के संज्ञान में भी दिया गया. उन्होंने पीड़ितों को यह आश्वासन दिया की वह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि निवेशकों को उनका रुपया वापस दिला दें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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