टीएमसी में ‘खेला’ शुरू, स्पीकर और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिले ममता बनर्जी के 2 बागी विधायक, सांसद काकोली घोष समेत 3 का इस्तीफा
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 27 May 2026 4:36 PM
अरूप चक्रवर्ती, सुशांत घोष और काकोली घोष दस्तीदार ने दिया इस्तीफा.
TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बीच टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार और 2 अन्य नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. चुनाव में हार के बाद टीएमसी में बगावत और उसके नेताओं की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियों ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है.
खास बातें
TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की राजनीति में पालाबदल शुरू होने से पहले इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. बंगाल विधानसभा के स्पीकर और मुख्यमंत्री से तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों की मुलाकात के बाद टीएमसी के कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वालों में सांसद काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष शामिल हैं.
काकोली घोष ने टीएमसी के आंतरिक कामकाज पर जताया असंतोष
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने वाली लोकसभा सदस्य काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. हाल में वह टीएमसी के प्रमुख कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहीं. पार्टी के आंतरिक कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया. दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह सांसद बनी रहेंगी.
टीएमसी में कई पदों पर रहीं काकोली
काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में कई पदों पर कार्य किया. वह पार्टी की महिला इकाई की अध्यक्ष भी रहीं. टीएमसी नेतृत्व की आपत्तियों के बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रशासनिक बैठक में भाग लिया था.
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स्पीकर रथिंद्र बोस से मिले ऋतब्रत और संदीपन
विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकस्त के बाद पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है. काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष के इस्तीफे से पहले राज्य में उस वक्त सिसायी पारा चढ़ गया, जब टीएमसी के 2 कद्दावर विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने अचानक विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से मुलाकात की.
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क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं?
चौंकाने वाली बात यह है कि बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे. बंद कमरे में हुई इस चर्चा ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं.
शिष्टाचार या पॉलिटिकल शिफ्ट की तैयारी?
आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ का नाम दिया गया है, लेकिन इसके पीछे की टाइमिंग कई गहरे सवाल खड़े करती है. मुलाकात ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली स्थित पुराने ‘बंग भवन’ में हुई गुप्त मीटिंग के कुछ ही दिनों बाद हुई है.
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ममता बनर्जी की बैठक में ऋतब्रत ने चुनाव प्रबंधन पर उठाये थे सवाल
ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव में टीएमसी को मिली करारी हार के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी इंटरनल मीटिंग में नेतृत्व और चुनावी प्रबंधन पर तीखे सवाल दागे थे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के विधायकों का सीधे मुख्यमंत्री और स्पीकर से मिलना महज संयोग नहीं हो सकता.
मैंने उनके नेतृत्व में राजनीति की है – संदीपन साहा
विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष से बाहर निकलने के बाद दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान थी. हालांकि, पत्रकारों के सवालों ने उन्हें असहज कर दिया. ऋतब्रत ने कहा- हम रचनात्मक विपक्ष (Constructive Opposition) की भूमिका निभाते रहेंगे. स्पीकर साहब को बधाई नहीं दे पाया था, इसलिए मिलने आये. मुख्यमंत्री वहां थे, तो उनसे भी अभिवादन हुआ. संदीपन साहा ने कहा- मैं शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में काम कर चुका हूं. उनसे मिलना कोई अपराध नहीं है.
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टीएमसी के भीतर ‘अविश्वास’ का माहौल
ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. ऋतब्रत और संदीपन जैसे युवा और प्रभावी चेहरों का मुख्यमंत्री के प्रति नरम रुख यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा अब भविष्य की तलाश में है. दोनों विधायक पहले ही कह चुके हैं कि टीएमसी ने चुनाव के दौरान जमीनी फीडबैक को नजरअंदाज किया.
शुभेंदु अधिकारी की बढ़ती स्वीकार्यता
मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के विधायकों के लिए ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ रखा है, जो टीएमसी की नींव हिलाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है.
TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: क्या पश्चिम बंगाल में होने वाला है बड़ा उलटफेर?
विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधानसभा की समितियों (Committees) और क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा हुई. लेकिन राजनीति में ‘शिष्टाचार’ अक्सर ‘पालाबदल’ की पहली सीढ़ी होती है. अब देखना यह है कि कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) से इन दोनों विधायकों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाता है.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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