बंगाल चुनाव के लिए सुरक्षा कवच तैयार, CAPF का पहरा, 100 मीटर के घेरे में ‘नो एंट्री’, चप्पे-चप्पे पर CCTV

Published by :Mithilesh Jha
Published at :26 Apr 2026 9:03 PM (IST)
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Election Commission Security Plan West Bengal Election 2026

बूथ पर होगी अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था.

Election Commission Security Plan: निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण (29 अप्रैल) के लिए कड़ी सुरक्षा योजना जारी की है. 160 बाइक पर CAPF की गश्त, हर बूथ पर CCTV और 100 मीटर का सुरक्षा घेरा रहेगा. जानें पूरी डिटेल.

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Election Commission Security Plan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी सुरक्षा योजना पेश कर दी है. 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान किसी भी तरह की हिंसा, फर्जी वोटिंग या बूथ कैप्चरिंग को रोकने के लिए आयोग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी है.

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले हाई लेवल मीटिंग

रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय बलों के कमांडरों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में यह साफ कर दिया गया कि मतदाताओं को डराने या मतदान रोकने की कोशिश करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी.

160 मोटरसाइकिल पर गश्त करेंगे जवान

आयोग ने स्थानीय उपद्रवियों और ‘बाइक वाहिनी’ के आतंक को खत्म करने के लिए विशेष रणनीति बनायी है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान 160 मोटरसाइकिलों पर 2-2 के ग्रुप में तैनात रहेंगे. ये टीमें गांवों की अंदरूनी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करेंगी.

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100 मीटर का सुरक्षा घेरा

मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में बिना अनुमति किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा. इस घेरे के भीतर केवल मतदाता और अधिकृत व्यक्ति ही जा सकेंगे.

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CCTV और केंद्रीय बलों का डबल पहरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने काकद्वीप का दौरा किया और कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाये जायेंगे, ताकि आयोग सीधे बूथों के अंदर की गतिविधियों पर नजर रख सके. प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर केंद्रीय बलों के जवान मुस्तैद रहेंगे. फर्जी मतदान रोकने के लिए आईडी कार्ड की कड़ी जांच होगी.

चुनाव आयोग की नेताओं से अपील

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उनसे अपील की कि वे शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभायें. साथ ही मतदाताओं को निर्भय होकर वोट करने के लिए घर से बाहर लायें.

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Election Commission Security Plan: 142 निर्वाचन क्षेत्रों की सुरक्षा समीक्षा

कोलकाता पुलिस आयुक्त और विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता व एनके मिश्रा की मौजूदगी में हुई बैठक में 142 निर्वाचन क्षेत्रों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. बैठक में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया. आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाता बिना किसी दबाव या डर के वोट करें.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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