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शोक प्रस्ताव में पीड़िता का नाम नहीं होने पर भाजपा करेगी विरोध प्रदर्शन

Updated at : 01 Sep 2024 9:15 PM (IST)
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शोक प्रस्ताव में पीड़िता का नाम नहीं होने पर भाजपा करेगी विरोध प्रदर्शन

विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज से, हंगामेदार होने की है आशंका

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विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज से, हंगामेदार होने की है आशंका कोलकाता. सोमवार से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में भाजपा परिषदीय दल ने हिस्सा लेने की घोषणा की है. पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी जायेगी. भाजपा की ओर से बताया गया है कि सोमवार को शोक प्रस्ताव में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बुद्धदेव भट्टाचार्य का नाम शामिल है. पिछले महीने उनका निधन हुआ था. इस बीच, शोक प्रस्ताव में आरजी कर कांड में मृत जूनियर महिला चिकित्सक का नाम नहीं होने पर प्रस्ताव पेश होने के दौरान भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाॅल ने बताया : हमें जानकारी मिली है कि आरजी कर कांड की पीड़िता का नाम शोक प्रस्ताव में नहीं है. इसकी जानकारी विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी को दी है. अधिकारी ने कहा कि यदि ऐसा होता है, तो भाजपा इस दौरान विरोध जतायेगी. सोमवार को बीए कमेटी की बैठक में दो दिवसीय कार्यक्रम तय किये जायेंगे. मंगलवार को विधानसभा में दुष्कर्म के दोषियों को मौत की सजा देने संबंधी पेश होनेवाले संशोधित विधेयक को लेकर बैठक के बाद सदन के अध्यक्ष आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा करेंगे. तृणमूल के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने कहा कि इस बारे में फिलहाल वह कुछ नहीं कहेंगे. समय पर सब जानकारी दी जायेगी. विपक्ष ने साधा सीएम पर निशाना : बता दें कि शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम के मासिक अधिवेशन में भाजपा के हंगामे के बाद शोक प्रस्ताव में आरजी कर पीड़िता का नाम शामिल किया गया था. इस बारे में कांग्रेस के पूर्व विधायक मिल्टन रशीद ने कहा कि इस सत्र को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुलाया है. यह महज नाटक लग रहा है. सोमवार को शोक प्रस्ताव में यदि आरजी कर की पीड़िता का नाम शामिल नहीं किया जाता है, तो सीएम को इस्तीफा देना चाहिए. माकपा के पूर्व विधायक तन्मय घोष ने कहा कि शोक प्रस्ताव में पीड़िता का नाम शामिल करना चाहिए. सरकारी अस्पताल में चिकित्सक की मौत हुई है, राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है. शोक प्रस्ताव में यदि चिकित्सक का नाम नहीं रखा जाता है, तो यह अन्याय होगा. कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान का कहना है कि वाम जमाने में समाज का कोई परिचित व्यक्ति का निधन होता था, तो शोक प्रस्ताव में उनका नाम रखा जाता था. लेकिन तृणमूल के जमाने में बहुत कुछ नया देखने को मिल रहा है. उनके मुताबिक आरजी कर की पीड़िता का नाम शोक प्रस्ताव में रहना चाहिए. ममता मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश रच रहीं : सुकांत कोलकाता. धर्मतला के डोरिना क्रासिंग पर आरजीकर कांड के खिलाफ भाजपा का धरना-प्रदर्शन जारी है. धरना स्थल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सासंद, विधायक व प्रदेश के भाजपा नेताओं का जमावड़ा है. रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि डीसी सेंट्रल जैसे सम्मानित पद पर बैठीं पुलिस अधिकारी तस्वीर दिखाकर झूठ को सच साबित करने में लगी हैं. असली अपराधी को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस भी मैदान में उतर गयी है. उन्होंने कहा कि लोगों को बताना होगा कि ममता बनर्जी अपराधी को बचाने व घटना से ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा में मौजूदा कानून में संशोधन कर फांसी देने की बात कह रही हैं. ऐसे में उनकी मंशा पर सवाल उठता है कि क्या विधानसभा के पास यह अधिकार है कि वह फांसी की सजा देने का कानून बना सके. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देतीं, धरना जारी रहेगा. धरना स्थल पर रविवार को त्रिपुरा की सांसद प्रतिमा भौमिक भी पहुंची थीं. इसके अलावा पूर्व सांसद अर्जुन सिंह सहित अन्य नेता मौजूद रहे.

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