अभिषेक बनर्जी के जबाव से सीआईडी संतुष्ट नहीं, फिर से किया तलब
अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee: सीआईडी जांचकर्ता अभिषेक द्वारा दिए गए उत्तरों से संतुष्ट नहीं हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने कई सवालों के सही उत्तर नहीं दिए हैं. उत्तरों में विसंगतियों के कारण उन्हें दोबारा पेश होने के लिए कहा गया है.
मुख्य बातें
Abhishek Banerjee: कोलकाता : लंबे इंतजार और कोर्ट की फटकार के बाद तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी गुरुवार को सीआईडी के समक्ष पेश तो हुए, लेकिन कई जरूरी सवालों का उत्तर नहीं दिया. सीआईडी के जांचकर्ता अभिषेक बनर्जी से साढ़े पांच घंटे की पूछताछ से संतुष्ट नहीं हैं. इसीलिए सीआईडी ने उन्हें 14 तारीख को दोपहर 12 बजे फिर से तलब किया है. सूत्रों से यह भी पता चला है कि इस मामले की जांच के लिए गठित सीआईडी टीम के कई अधिकारियों ने अभिषेक से घुमा-फिराकर पूछताछ की, लेकिन अभिषेक ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया.
हस्ताक्षर जालसाजी मामले में हुई पूछताछ
हस्ताक्षर जालसाजी मामले में सीआईडी ने अभिषेक को तीन बार तलब किया था. अभिषेक पेश नहीं हुए. अंततः मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा. उच्च न्यायालय से सुरक्षा मिलने के बाद अभिषेक दिल्ली से लौटे और सीधे भवानी भवन स्थित अपने घर चले गए. भवनी भवन से रात 11:28 बजे निकले और सीधे कालीघाट की ओर चल दिए. वे ममता बनर्जी के घर गए. इसी बीच एक नई तारीख आ गयी.
कई सवालों के नहीं दिया जवाब
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी जांचकर्ता अभिषेक के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने कई सवालों के सही जवाब नहीं दिए. जवाबों में विसंगतियों के कारण उन्हें दोबारा पेश होने के लिए कहा गया है. पूछताछ के बाद में जब वे भवानी भवन से निकले तो पत्रकारों ने उनसे कई सवाल पूछे, लेकिन अभिषेक बनर्जी ने किसी का भी जवाब नहीं दिया. वे बिल्कुल चुप थे. यहां तक कि उन्होंने कार की खिड़की भी नीचे नहीं की.
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साढ़े पांच घंटे चली पूछताछ
यह भी पता चला है कि अभिषेक उस प्रस्ताव की प्रति के बारे में जांचकर्ताओं को कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं, जिसके कारण इतना हंगामा हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक, लगभग साढ़े पांच घंटे चली पूछताछ के दौरान उनसे बार-बार इसी मुद्दे पर सवाल पूछे गए. लेकिन हर बार उन्होंने ‘मुझे नहीं पता’, ‘उनके लिए यह कहना संभव नहीं है’, ‘मैं नहीं कह सकता’ जैसे जवाब दिए. उन्होंने कई सवालों के जवाब देने से बचते रहे. यही कारण है कि सीआईडी जांचकर्ता उनकी पूछताछ से संतुष्ट नहीं हैं.
पूछताछ के दौरान आपा खोते रहे अभिषेक
हस्ताक्षर जालसाजी मामले में विपक्ष के नेता के चयन के प्रस्ताव को लेकर उनसे कई सवाल पूछे गए. उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें एक बार चाय का ब्रेक भी शामिल था. सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, कई सवालों के जवाब देते समय अभिषेक अपना आपा खो बैठे. जब अभिषेक से पूछा गया कि प्रस्ताव की प्रति कहां है, तो उन्होंने जवाब दिया-मुझे नहीं पता. अधिकारियों को बार-बार “मुझे नहीं पता” या “मैं नहीं बताऊंगा” जैसे जवाब पसंद नहीं आए. इसीलिए अभिषेक को 14 जून को फिर से तलब किया गया है.
ममता के घर चली बैठक
इसी बीच, पूछताछ के बाद अभिषेक उसी रात ममता बनर्जी के घर पहुंचे. वहां रात 11:30 बजे के बाद एक बैठक हुई. तृणमूल विधायक मदन मित्रा और कुणाल घोष भी मौजूद थे. वे सब रात 12:07 बजे एक-एक करके बाहर आए. हालांकि, अभिषेक मीडिया के सामने नहीं आए. उनके साथियों और समर्थकों ने उन्हें छतरियों से ढक लिया और अभिषेक भी अपना चेहरा छतरी से ढके हुए कार में बैठ गए. वहीं, कुणाल घोष से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- यह मामला जांच के अधीन है. हम इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे.
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