बंगाल शिक्षक नियुक्ति : 2016 के वेटिंग लिस्ट वालों को उम्र सीमा में छूट नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट के आदेश पर लगायी रोक
Published by : Ashish Jha Updated At : 20 Jan 2026 10:10 AM
Supreme Court
Bengal Teacher Recruitment: 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीएसएससी) की ओर से करायी गयी शिक्षक नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आयी थीं. जांच में ओएमआर शीट्स से छेड़छाड़, रैंक जंपिंग, फर्जी नियुक्तियां और पैसे के बदले नौकरी जैसे गंभीर आरोप सामने आये थे.
मुख्य बातें
Bengal Teacher Recruitment: कोलकाता. स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने 2016 के वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को उम्र की सीमा में छूट देने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाइकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें नयी नियुक्ति प्रक्रिया में 2016 के वेटिंग लिस्ट में शामिल गैर-चयनित उम्मीदवारों को भी आयु सीमा में छूट देने की बात कही गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उसका फैसला सिर्फ और सिर्फ उन उम्मीदवारों के लिए था, जो मेरिट के आधार पर चयनित हुए थे और जिन पर कोई दाग नहीं था.
उम्र में छूट देना भर्ती प्रक्रिया की मूल भावना के खिलाफ
अदालत ने यह भी कहा कि जिन अभ्यर्थियों का चयन ही नहीं हुआ था, उन्हें उम्र में छूट देना भर्ती प्रक्रिया की मूल भावना और पारदर्शिता को नुकसान पहुंचा सकता है. 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीएसएससी) की ओर से करायी गयी शिक्षक नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आयी थीं. जांच में ओएमआर शीट्स से छेड़छाड़, रैंक जंपिंग, फर्जी नियुक्तियां और पैसे के बदले नौकरी जैसे गंभीर आरोप सामने आये थे. इन्हीं अनियमितताओं के चलते कलकत्ता हाइकोर्ट ने अप्रैल 2024 में करीब 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं.
हाईकोर्ट के फैसले पर लगायी रोक
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी थी. हालांकि 12 दिसंबर को कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक और अहम आदेश दिया. इसमें पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन को निर्देश दिया गया कि नयी नियुक्ति प्रक्रिया में 2016 की पैनल की वेटिंग लिस्ट में शामिल कुछ शिक्षकीय उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शामिल होने का मौका दिया जाये, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी तय की गयीं. जस्टिस अमृता सिन्हा की बेंच ने साफ कहा कि यह राहत बहुत सीमित दायरे में दी जा रही है. उन्होंने बताया कि केवल दो तरह के उम्मीदवार ही इसके पात्र होंगे. पहला, वे उम्मीदवार जो वेटिंग लिस्ट में थे, लेकिन उम्र सीमा पार हो जाने की वजह से नयी भर्ती में इंटरव्यू नहीं दे पा रहे थे. दूसरा, केवल वेटिंग लिस्ट वाले वह उम्मीदवार जिन्होंने खुद हाइकोर्ट से नयी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति मांगी है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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