लवली मैत्रा के लिए सीपीएम और भाजपा छोड़कर तृणमूल का झंडा थामा

Published by :Ashish Jha
Published at :18 Mar 2026 3:35 PM (IST)
विज्ञापन
लवली मैत्रा के लिए सीपीएम और भाजपा छोड़कर तृणमूल का झंडा थामा

लवली मैत्रा

Bengal Election: चुनाव से ठीक पहले सोनारपुर दक्षिण में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से स्वाभाविक रूप से तृणमूल खेमे को और भी मजबूती मिल रही है. राजनीतिक हलकों के अनुसार, लवली मैत्रा ने चुनाव शुरू होते ही अपनी स्थिति मजबूत करके विपक्ष पर दबाव बढ़ा दिया है.

विज्ञापन

Bengal Election: कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची ने सोनारपुर का राजनीतिक समीकरण बदल गया है. लवली मैत्रा का नाम तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में घोषित होते ही विपक्षी खेमे में बड़ा विभाजन देखने को मिला है. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थक भाजपा और सीपीएम छोड़कर तृणमूल कांग्रेस खेमे में आ रहे हैं. राजपुर टाउन स्थित पार्टी कार्यालय के सामने सदस्यता ग्रहण करनेवालों की भीड़ लवली के पक्ष में नारेबाजी कर रही थी. चुनाव से ठीक पहले यह दल परिवर्तन जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

लवली ने सौंपा पार्टी का झंडा

लवली ने नए सदस्यों को तृणमूल पार्टी का झंडा सौंपा. इस जुड़ाव के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को देखते हुए विपक्षी दल के कार्यकर्ता तृणमूल में शामिल हो रहे हैं. उनका दावा है कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यों पर जनता का यह अटूट विश्वास आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करेगा. हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं होती, उनका दावा है कि यह जुड़ाव प्रक्रिया भविष्य में भी पूरी गति से जारी रहेगी.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

विपक्षी दलों की परेशानी बढ़ी

पूर्व बूथ अध्यक्ष निरुपम रॉय भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में आए हैं. उनका कहना है कि उनके साथ करीब 30 से 35 सक्रिय कार्यकर्ता भाजपा कैंप छोड़कर आज तृणमूल कैंप में शामिल हुए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने यह बड़ा फैसला मुख्य रूप से क्षेत्र के समग्र विकास के हित में लिया है. वहीं दूसरी ओर, वामपंथी कार्यकर्ता शेखर मन्ना ने भी इसी लहजे में कहा कि उन्होंने आने वाले दिनों में जनता के लिए और अधिक सक्रियता से काम करने के उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. चुनाव के मद्देनजर यह विभाजन विपक्षी दलों के लिए भी काफी परेशानी का सबब बन गया है.

Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola