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सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने के आरोप में लॉ की छात्रा अरेस्ट

Updated at : 31 May 2025 11:13 PM (IST)
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सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने के आरोप में लॉ की छात्रा अरेस्ट

सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कोलकाता पुलिस की गुप्तचर शाखा व गार्डेनरीच थाने की पुलिस ने गुरुग्राम से इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर व लॉ की छात्रा शर्मिष्ठा पनौली को गिरफ्तार किया. उसे गत शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया.

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कोलकाता.

सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कोलकाता पुलिस की गुप्तचर शाखा व गार्डेनरीच थाने की पुलिस ने गुरुग्राम से इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर व लॉ की छात्रा शर्मिष्ठा पनौली को गिरफ्तार किया. उसे गत शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया. गुरुग्राम की अदालत से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति मिलने के बाद पनौली को शनिवार को महानगर लाया गया और इसी दिन अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 जून तक न्यायिक हिरासत में रखे जाने का निर्देश दिया गया. पनौली पुणे की एक लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा है. सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने ””ऑपरेशन सिंदूर”” को को लेकर बॉलीवुड अभिनेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाये थे. साथ ही इस वीडियो में सांप्रदायिक टिप्पणियां भी की गयी थीं, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. वीडियो वायरल होने के बाद लॉ की छात्रा को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. कई यूजर्स ने उसे धमकी भरे संदेश भी भेजे थे. बढ़ते विरोध को देखते पनौली ने वह वीडियो डिलीट कर दिया और सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. गार्डेनरीच थाने में उसके खिलाफ एक शिकायत दर्ज करायी गयी थी.

घटना के बाद से ही पनौली व उसके परिवार के अन्य सदस्यों का पता नहीं चल रहा था, जिससे पुलिस द्वारा कानूनी नोटिस देना संभव नहीं हो पाया. इसके बाद मामला अदालत में गया, जहां से पनौली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.

शुक्रवार को आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया. इस दिन अदालत में पेश किये जाने पर आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस जिन इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं (जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप) के आधार पर जांच कर रही है, उन्हें पहले ही जब्त कर चुकी है. लिहाजा अब उसके मुवक्किल को पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है.

हालांकि, पुलिस के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखे जाने का निर्देश दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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