अभिषेक बनर्जी पर बरसे कल्याण तिवारी, बोले- 'भतीजा' शब्द ने कर दिया पार्टी को बर्बाद

अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee: पुलिस के डर से कई लोग खुलकर बोल नहीं पाए. 'भतीजा' शब्द ने पार्टी को बर्बाद कर दिया. नगर निगम अध्यक्षों को विभिन्न स्थानों पर सभाओं और जुलूसों के लिए पैसे भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई उन्हें यह नहीं बताता था कि पैसा कहां से आएगा.
मुख्य बातें
Abhishek Banerjee: पश्चिम मिदनापुर: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को चुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी में बगावत की आवाज उठने लगी है. एक के बाद एक नेता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पतन के पीछे जिम्मेदार अभिषेक बनर्जी पर आरोप दर अरोप लगाते जा रहे हैं. चाहे वो तृणमूल के युवा नेता हों या विधानसभा में टिकट न मिलने से नाराज तृणमूल नेता. हर दूसरा नेता गुस्से में हैं. कई लोगों ने मीडिया के सामने तो कई लोगों ने अपना गुस्सा सोशल साइट पर जाहिर किया है. अब इस सूची में पश्चिम मेदिनीपुर जिले की तृणमूल (टीएमसी) द्वारा संचालित रामजीवनपुर नगरपालिका के अध्यक्ष कल्याण तिवारी का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद से तृणमूल के किसी भी नेता ने कार्यकर्ताओं के कल्याण के बारे में पूछताछ नहीं की है.
कलम और कमरबंद बाहर ही छोड़नी पड़ी
रामजीवनपुर नगरपालिका के अध्यक्ष कल्याण तिवारी ने कहा-पिछले चुनावों के बाद से मुझे रात को नींद नहीं आती थी. हर रात मुझे आई-पीएसी से फोन आता था और वे कहते थे- आप अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं. तुम्हें हटा दिया जाएगा. पार्टी छोड़ने का कोई रास्ता नहीं है, पुलिस ने तुम्हें धमकी दी होगी. मैं किस नेता से बात करूंगा, किस नेता से मिलूंगा, पुलिस सब कुछ संभाल लेगी. उन्होंने यह भी दावा किया- किसी से मिलने जाते समय एक विधायक को अभिषेक बनर्जी के घर में प्रवेश करने से पहले अपनी कलम और कमरबंद बाहर ही छोड़नी पड़ी. उन्होंने अभिषेक बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा-मैंने उन्हें चुनौती दी थी कि वे कहें, ‘देखते हैं आपमें कितना साहस है. अब आप सड़कों पर जाकर राजनीति कर सकते हैं.
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कई पहलुओं पर शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा
कल्याण तिवारी कहा-हमें अभिषेक दादा को बुलाना होगा. हम लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अभिषेक का दबदबा शुरू हुआ और शुभेंदु दा ने साथ छोड़ दिया. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कौन जा रहा है. अभिषेक धमकाता था. एआईपीएसी हमें बताएगा कि क्या करना है. उन्होंने यह भी कहा-पुलिस के डर से कई लोग खुलकर बोल नहीं पाते थे, ‘भतीजा’ शब्द ने पार्टी को बर्बाद कर दिया. नगर पालिका अध्यक्षों को विभिन्न स्थानों पर सभाओं और जुलूसों के लिए पैसे भेजने के निर्देश मिलते थे, लेकिन उन्हें कोई यह नहीं बताता था कि पैसा कहां से आएगा. कल्याण तिवारी ने इस बयान के कई पहलुओं पर शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा की.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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