कोलकाता : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को एएमआरआइ अस्पताल अग्निकांड में जल्दी सुनवाई पूरी करने के लिए उठाये जा रहे कदमों के बारे में सूचित करने के लिए कहा है. न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने राज्य सरकार को दो मई को अदालत को यह सूचित करने के निर्देश दिये हैं कि उसने नौ दिसंबर 2011 को दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में लगी आग मामले की सुनवाई जल्दी पूरी करने के लिए कौन से कदम उठाये. इस हादसे में 92 लोगों की मौत हो गयी थी.
न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने कहा कि इस अग्निकांड में मारे गये लोगों के सैकड़ों परिजन सुनवायी पूरी होने और फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं. अदालत ने कहा कि इसकी सुनवाई उचित अवधि के भीतर पूरी हो जानी चाहिए. अदालत ने इस सप्ताह की शुरआत में डॉ मणि छेत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. याचिका में छेत्री ने निचली अदालत में अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का आग्रह किया है. वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ ने दावा किया था कि हालांकि अस्पताल का लाइसेंस उनके नाम पर था, लेकिन वह अस्पताल के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में शामिल नहीं थे.
