अखिल पश्चिम बंगाल श्री योग वेदांत सेवा समिति के तीर्थयात्री सेवा शिविर का उदघाटन
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सर्वधर्म सदभाव में विश्वास करती हैं. उन्होंने जिस तरह से सागर मेला और आउटराम घाट पर यात्री सुविधाओं की व्यवस्था की है, वह सराहनीय है. मेला कैंप में देश के हर प्रांत से विभिन्न बोली और भाषाओं को बोलनेवाले लोग आये हुए हैं. यह अपने आप में अदभुत नजारा है. उक्त बातें हावड़ा नगर निगम के पार्षद और एमएमआइसी वाणी सिंह राय ने कहीं. उन्होंने अखिल पश्चिम बंगाल श्री योग वेदांत सेवा समिति के तीर्थयात्री सेवा शिविर का उदघाटन करते हुए कहा कि वेदांत सेवा समिति द्वारा कई वर्षों से तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए कार्य कर रही है.
इस दौरान प्रभात खबर (कोलकाता) के संपादक तारकेश्वर मिश्र ने कहा कि पिछले दिनों की कुछ घटनाक्रम देखें, तो ऐसा लगता है कि भारतीय सनातन धर्म पर आफत आयी हुई है, लेकिन इतिहास गवाह रहा है कि जब-जब आफत आयी सनातन धर्म और मजबूती से उभर कर सामने आया. संत आशारामजी बापू ने मानव कल्याण के लिए जो कार्य शुरू किये, उसका आज भी उनके अनुयायी पालन कर रहे हैं. वैलेंटाइन-डे के पीछे भागनेवाले नयी पौध को उन्होंने मातृ-पितृ पूजन के लिए प्रेरित किया.
इस दौरान समाजसेवी भोला सोनकर ने कहा कि अखिल पश्चिम बंगाल श्री योग वेदांत सेवा समिति काफी अच्छा कार्य कर रही है. हावड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर-6 टीएमसी के अध्यक्ष श्याम मलहोत्रा ने कहा कि अखिल पश्चिम बंगाल श्री योग वेदांत सेवा समिति नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रही है.
संस्था के अविनाश दूबे और श्याम सुंदर मल ने बताया कि संत आशारामजी बापू की प्रेरणा से अखिल पश्चिम बंगाल श्री योग वेदांत सेवा समिति 20 वर्षों से आउटराम घाट में सेवा शिविर लगा रही है. शिविर में नि:शुल्क आवास, नाश्ता, भोजन, प्रसाद और चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से गणेश पाटिल, योगेश पांडेय, दिनेश माहतवाल आदि उपस्थित थे.
