गिरफ्तार आरोपी की पेशी, 14 दिनों की पुलिस हिरासत
हावड़ा : छेड़खानी का प्रतिवाद किये जाने पर अरूप भंडारी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार राजू तिवारी को शुक्रवार हावड़ा के सीजेएम अदालत में पेश किया गया. न्यायाधीश ने आरोपी को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. वहीं इस मामले को सीआइडी ने अपने हाथों में ले लिया. गुरुवार को सिटी पुलिस की एक विशेष टीम ने उसे बनारस से गिरफ्तार किया था. उसे ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया. पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.
वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने गुनाह कबूल किया है. आरोपी ने पुलिस को जांच में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है. राजू के मुताबिक 28 जनवरी की रात सलकिया के बीबी बागान इलाके में मारपीट की घटना घटी थी लेकिन इस मारपीट के पीछे छेड़खानी का कोई मसला नहीं था. आरोपी के अनुसार एक बच्चे को मारने को लेकर पहले अरूप भंडारी व आनंद प्रसाद के बीच बहस हुई थी.
बहस हाथापाई में बदल गयी व मारपीट में अरूप जख्मी हो गया. इस दौरान वह भी वहां मौजूद था. हत्या करने व उसे घायल करने का कोई मकसद नहीं था. हालांकि पहले दिन से इस घटना के पीछे छेड़खानी व सरस्वती प्रतिमा विसजर्न को लेकर विवाद बताया जा रहा है. बहरहाल पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. इस हत्याकांड में अभी भी आनंद प्रसाद, संदीप तिवारी, वरुण शर्मा व शुभम दूबे फरार है. चारों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.
कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा
अरूप भंडारी की हत्या के प्रतिवाद में एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स( एपीडीआर) की ओर से एक सभा आयोजित की गयी. इस सभा में एपीडीआर के धीरज सेनगुप्ता, सीपीडीआर इंडिया के दिलीप वर्मा, आमरा आक्रांत की सदस्य व दिवंगत तृणमूल नेता तपन दत्ता की पत्नी प्रतिमा दत्ता भी शामिल थीं. सभा के बाद एपीडीआर की ओर से पुलिस कमिश्नर अजेय मुकुंद राणा डे को एक ज्ञापन सौंपा गया व इस मामले में पुलिस की लापरवाही के बारे में जानकारी दी गयी.
