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बांग्लादेश ने एक लाख रोहिंग्याओं के लिए बनवाया द्वीप, अस्पताल-मस्जिद-स्कूल की सुविधा

Updated at : 18 Jan 2020 7:47 AM (IST)
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बांग्लादेश ने एक लाख रोहिंग्याओं के लिए बनवाया द्वीप, अस्पताल-मस्जिद-स्कूल की सुविधा

-किसी जमाने में जलमग्न रहा द्वीप अब रोहिंग्या को बसाने के लिए पूरी तरह तैयारढाका : मॉनसून के दौरान अक्सर डूब जाने वाले एक द्वीप को बांग्लादेश ने एक लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने के लिए तैयार किया है. बंगाल की खाड़ी स्थित इस द्वीप का नाम ‘भासन चार’ है. अधिकारियों ने बताया कि भासन […]

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-किसी जमाने में जलमग्न रहा द्वीप अब रोहिंग्या को बसाने के लिए पूरी तरह तैयार
ढाका :
मॉनसून के दौरान अक्सर डूब जाने वाले एक द्वीप को बांग्लादेश ने एक लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने के लिए तैयार किया है. बंगाल की खाड़ी स्थित इस द्वीप का नाम ‘भासन चार’ है. अधिकारियों ने बताया कि भासन चार में बाढ़ सुरक्षा तटबंध, घर, अस्पताल, मस्जिद सभी बनाये गये हैं. बांग्लादेश शरणार्थी, राहत एवं प्रत्यर्पण आयुक्त महबूब आलम तालुकदार ने बताया कि भासन चार बसने के लिए तैयार है. सभी तैयारियां हो चुकी हैं.

यह द्वीप एक लाख लोगों को बसाने के लिए बनाया गया है. महबूब आलम ने कहा कि यह संख्या बहुत ही कम है क्योंकि अगस्त, 2017 के बाद से अब तक करीब सात लाख रोहिंग्या मुस्लिम यहां आये हैं. उन्होंने बताया कि विद्रोहियों द्वारा हमले के बाद बौद्ध बहुल म्यांमार में सेना ने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जिसके बाद लाखों की संख्या में रोहिंग्या अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गये. बांग्लादेश के शीर्ष सरकारी अधिकारी कमाल हुसैन ने बताया कि शरणार्थी परिवारों को द्वीप पर जाने के लिए मनाने की कोशिशें की जा रही है. वहीं, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बार-बार संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को बताया है कि उनका प्रशासन इस बारे में अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी एजेंसियों से संपर्क करेगा और किसी भी शरणार्थी को इस द्वीप पर जाने के लिए मजबूर नहीं करेगा. यह द्वीप बांग्लादेश के मुख्य हिस्से से 34 किलोमीटर दूर है और सिर्फ 20 साल पहले ही जल से बाहर आया है.

हालांकि, कॉक्स बाजार में बरसों से रह रहे इन शरणार्थियों को यहां भेजने के लिए किसी भी तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है.

द्वीप पर विदेशी मीडिया की अनुमति नहीं
इस द्वीप पर अभी विदेशी मीडिया को जाने की अनुमति नहीं है. बांग्लादेश के एक फ्रीलांस पत्रकार सालेह नोमान हाल ही में इस द्वीप पर गये थे. उन्होंने बताया कि यहां विकास हो रहा है. हालांकि, 2015 में जब पहली बार बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों को इस द्वीप पर भेजे जाने का प्रस्ताव रखा था तो अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और संयुक्त राष्ट्र ने इसका विरोध किया था.

बांग्लादेश के गांवों में रहनेवाले लोगों ने अब तक नहीं देखा है ऐसा विकसित टाउनशिप

द्वीप को विकसित करने के काम से जुड़े दो बांग्लादेशी ठेकेदारों ने बताया कि हमने गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा बनाया है. बांग्लादेश के गांवों ने इतना अच्छा काम कभी नहीं देखा. यह एक आधुनिक टाउनशिप परियोजना की तरह है. बांग्लादेश के लोगों में इस देखने को लेकर कौतूहल है. बनाया गया इंफ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत बना है कि इस पर साइक्लोन का भी असर नहीं होगा.

-इस डेवलप्ड टाउनशिप में है

लाखों परिवारों के रहने के लिए बना है मजबूत घर, साइक्लोन का भी असर नहीं

अस्पताल, मस्जिद, स्कूल, मैदान और सड़कों की सुविधा भी

द्वीप में प्रदूषण नहीं के बराबर हो, इसके लिए सौर-ऊर्जा की सुविधाएं हैं

एक जल आपूर्ति प्रणाली है, स्वच्छ हवा के लिए कई पेड़ लगाये गये हैं

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