ePaper

वाणी पर नियंत्रण न रहने से ही राजनेता कुछ का कुछ बोलते हैं : श्रीश्री रविशंकर

Updated at : 01 Dec 2019 1:35 AM (IST)
विज्ञापन
वाणी पर नियंत्रण न रहने से ही राजनेता कुछ का कुछ बोलते हैं : श्रीश्री रविशंकर

कोलकाता : वाणी का तप बहुत आवश्यक है. सत्य और प्रिय बोलना ही वाणी का तप है. व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ समय के लिए मौन रहना चाहिए. गुस्सा भी तभी करना चाहिए, जब उससे किसी को कोई फायदा हो. वाणी का तप नहीं करने से उस पर नियंत्रण नहीं रहता. इसी वाणी के अनियंत्रण के […]

विज्ञापन

कोलकाता : वाणी का तप बहुत आवश्यक है. सत्य और प्रिय बोलना ही वाणी का तप है. व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ समय के लिए मौन रहना चाहिए. गुस्सा भी तभी करना चाहिए, जब उससे किसी को कोई फायदा हो. वाणी का तप नहीं करने से उस पर नियंत्रण नहीं रहता. इसी वाणी के अनियंत्रण के कारण ही राजनेता कुछ का कुछ बोलते हैं. पहुंचना संसद होता है, लेकिन कहीं और पहुंच जाते हैं. ये बातें आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने शनिवार को इंडोर स्टेडियम में गीता के 17वें अध्याय पर प्रवचन देते हुए कहीं.

उन्होंने कहा : व्यक्ति को सरल और सहजरहना चाहिए, ईश्वर और गुरु का सम्मान करना चाहिए. कई बार लोगों को लगता है कि समाज उन्हें प्रसन्न नहीं रहने देता. इसका कारण भी हमारा कमजोर मन होता है. उन्होंने कहा कि तीन प्रकार के तप होते हैं- शारीरिक, वाचिक और मानसिक. जो गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है.
इसे अपने जीवन में धारण करने से मन मजबूत होता है. और मजबूत मन पर किसी प्रकार के ब्लैक मैजिक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि किसी को हानि पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया तप ही तामसिक या ब्लैक मैजिक के नाम से जाना जाता है. यदि मन को मजबूत कर इसे मानने से इंकार कर दिया जाये, तो इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि कोई यदि आपके साथ बुरा व्यवहार करे, तो भी अपने मन को शुद्ध रखने का बार-बार प्रयास करो.
ये हमारे देखने की दृष्टि पर निर्भर करता है. यदि मन के भाव शुद्ध रहेंगे, तो दुनिया को देखने का ढंग ही बदल जायेगा. लेकिन भीतर की कमजोरी बनी रही, तो आत्मा और परमात्मा कुछ भी नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि ‘ऊं’ में ही सब कुछ समाया हुआ है. ‘ऊं’ सारे संसार में और हमारे अंतर्मन में गूंज रहा है. यह एक ब्रह्म का सूचक है, जिसे सभी संप्रदाय द्वारा अपनाया गया. इसाइयों का ‘आमेन’ और मुस्लिमों का ‘आमीन’ भी ‘ऊं’ के ‘अ’ शब्द का अपभ्रंश है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola