हाइपरटेंशन ग्रस्त 40% मरीजो‍ं की नहीं होती सही जांच : शोध

Updated at : 27 Aug 2019 1:41 AM (IST)
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हाइपरटेंशन ग्रस्त 40% मरीजो‍ं की नहीं होती सही जांच : शोध

कोलकाता : इंडिया हर्ट स्टडी (आईएचएस) के एक अध्यन के अनुसार पश्चिम बंगाल में 22.50 प्रतिशत लोग ह्वाइट कोट हाइपरटेंशन की चपेट में है, जबकि 17.30 % मरीज मास्क्ड हाइपरटेंशन की चपेट में हैं. यानी कुल मिला कर 40 फीसदी मरीजों की सही जांच नहीं हो पाती है. यह रिसर्च पश्चिम बंगाल सह 15 राज्यों […]

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कोलकाता : इंडिया हर्ट स्टडी (आईएचएस) के एक अध्यन के अनुसार पश्चिम बंगाल में 22.50 प्रतिशत लोग ह्वाइट कोट हाइपरटेंशन की चपेट में है, जबकि 17.30 % मरीज मास्क्ड हाइपरटेंशन की चपेट में हैं. यानी कुल मिला कर 40 फीसदी मरीजों की सही जांच नहीं हो पाती है.

यह रिसर्च पश्चिम बंगाल सह 15 राज्यों में किया गया है. बंगाल में 862 मरीजों की सर्वे की गयी, इनमें 622 पुरुष और 240 महिलाएं शामिल थीं. यह जानकारी एरिस लाइफसाइंसेज के प्रेसिडेंट डॉ विराज सुवर्ण ने दी. वह महानगर में आयोजित एक संवददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. उन्होंने बताया कि कई बार देखा गया है कि रक्तचाप की दो जगहों पर जांच करने पर अंतर मिलता है, यहां तक कि नर्सें भी जांच करती हैं तो कम आता है. कई बार कार्यालय में रक्तचाप की जांच की जाती है तो अधिक आता है और घर में कम, इसे ह्वाईट कोट हाईपरटेंशन कहते हैं.

इस तरह के बढ़े रक्तचाप का उपचार करने की अत्यावश्यकता नहीं होती है. लेकिन डॉक्टरी सलाह जरूरी है. इसी तरह मास्क्ड हाइपरटेंशन काफी खरतनाक है, इसका कई बार पता भी नहीं चल पाता है. इसका तुरंत इलाज संभव है. मौके पर उपस्थित रामकृष्ण मिशन सेवा प्रतिष्ठान के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ सौमित्र कुमार के बताया कि उच्चरक्त चाप और हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. इसलिए जीवन शैली में बदलाव के साथ-साथ रक्तचाप पर भी नजर रखना बेहद जरूरी है.

उन्होंने बताया कि अधिकतर मामलों में हाइपरटेंशन अनुवांशिक होता है. इसके अलावा मोटापा व धूम्रपान के कारण भी लोग इस बीमारी के चंगुल में फंस जाते हैं. डॉ कुमार ने बताया कि अब तक 30 वर्षीय युवाओं में भी इस बीमारी को देखी जा रही है. इस उम्र में रक्तचाप के होने से मरीज को किडनी, हर्ट व अन्य शारीरिक समस्या भी हो सकती है. इसलिए रक्तचाप का सही इलाज बहुत जरूरी है. मौके पर उपस्थित नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ ललित कुमार ने भी अपने विचार रखे.

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