अब एक वर्ष तक रह पायेंगे राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक
कोलकाता : राज्य की सभी नगरपालिका व नगर निगम में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किये जानेवाले प्रशासकों की समय-सीमा को राज्य सरकार ने बढ़ा दी है. गुरुवार को इसे लेकर राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने विधानसभा में संसोधनी विधेयक पेश किया, जिसके अनुसार प्रशासकों की समय-सीमा को छह महीने से बढ़ा कर एक वर्ष कर दिया गया है.
गुरुवार को विभागीय मंत्री ने विधानसभा में द वेस्ट बंगाल म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल 2019, द कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल 2019 व द हावड़ा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पेश किया. इन तीनों विधेयकों को विधानसभा में पारित कर दिया गया. इससे अब राज्य सरकार को नगरपालिकाओं में प्रशासकों की समय-सीमा को बढ़ाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. गौरतलब है कि राज्य में 18 नगरपालिका ऐसे हैं, जिनकी मियाद शेष हो चुकी है, लेकिन चुनाव नहीं हो सका है. यहां राज्य सरकार की ओर से प्रशासकों की नियुक्ति की गयी है.
उधर, मुख्यमंत्री चाहती हैं कि राज्य में सभी नगरपालिका का चुनाव एक साथ कराया जाये. इस पर सरकार की ओर से दलील है कि कई बार एक साथ इतनी नगरपालिका, निगम का चुनाव एकसाथ कराना संभव नहीं होता. कई बार प्रकृति चुनाव के लिए माकूल माहौल में बाधक बनती है. ऐसी परिस्थितियों में प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ती है. वर्तमान में 18 नपा ऐसे हैं, जहां प्रशासक नियुक्त हैं. बताया जाता है कि नये कानून के मुताबिक यदि प्रशासन को नियुक्त प्रशासकों की मियाद बढ़ाने की जरूतत महसूस होती है, तो उनकी मियाद बढ़ायी जा सकती है. हालांकि इस पर विपक्ष ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया है और नगरपालिकाओं में चुनाव कराने की मांग की है.
