नहीं रहे अर्थविद नंदलाल शाह

Updated at : 25 Jun 2019 2:49 AM (IST)
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नहीं रहे अर्थविद नंदलाल शाह

नीमतला श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार कोलकाता : वित्त मामलों के विशेषज्ञ तथा साहित्यकार व समाजसेवी नंदलाल शाह का रविवार को निधन हो गया. वह 81 वर्ष के थे. रविवार रात 10 बजे महानगर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांसें ली. ब्रेन हैमरेज की वजह से पिछले एक महीने से वह बीमार […]

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नीमतला श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

कोलकाता : वित्त मामलों के विशेषज्ञ तथा साहित्यकार व समाजसेवी नंदलाल शाह का रविवार को निधन हो गया. वह 81 वर्ष के थे. रविवार रात 10 बजे महानगर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांसें ली. ब्रेन हैमरेज की वजह से पिछले एक महीने से वह बीमार चल रहे थे. अपने पीछे श्री शाह अपनी पत्नी सरोज शाह, पुत्र किशलय शाह, पुत्रवधु डॉ नीना शाह, पुत्री ऋजु चमड़िया, दामाद राजीव चमड़िया सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं.
श्री शाह भारतीय भाषा परिषद के सचिव तथा राजस्थान परिषद के उपाध्यक्ष होने के अलावा कई अन्य साहित्यिक, शैक्षिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े थे. इनमें श्री शिक्षायतन, पोद्दार छात्र निवास, झुंझुनू प्रगति संघ, श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय, बंगाल रोइंग क्लब व अन्य शामिल हैं. गौरतलब है कि श्री शाह, अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व महामंत्री व उपाध्यक्ष रतन शाह व डॉ शशि शेखर के बड़े भाई थे. उनके निधन पर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने शोक व्यक्त किया है. राज्यपाल ने श्री शाह के छोटे भाई, प्रमोद शाह को फोन के माध्यम से अपनी संवेदना जतायी.
वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ कृष्ण बिहारी मिश्र ने श्री शाह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री शाह उनके छोटे भाई की तरह थे. उनके बड़े भाई दिवंगत रेवतीलाल शाह ने उनका परिचय उनसे कराया था. शाह परिवार से उनके परिवार का अंतरंग संबंध है. उनका निधन उनके लिए एक बड़ा आघात है. व्यवसाय के साथ साहित्य विधाओं में उनकी रुचि उन्हें अन्य से अलग करती है. उनका सौम्य व्यवहार सदैव याद रहेगा.
कवि नवल ने कहा कि श्री शाह उनके बड़े भाई समान थे. उनका अंतिम दर्शन बाहर रहने की वजह से वह नहीं कर सके. इसका उन्हें बेहद दुख है. श्री शाह हमेशा उनके प्रति स्नेहशील रहे. उनका जाना सामाजिक व सांस्कृतिक क्षति तो है ही, उनका पारिवारिक नुकसान भी हुआ है.
भारतीय भाषा परिषद के पूर्व निदेशक व वरिष्ठ साहित्यकार विजयबहादुर सिंह ने नंदलाल शाह के निधन पर शोक जताते हुए कहा: वह एक बहुत भावुक समाजसेवी और साहित्यप्रेमी थे. कवियों, कलाकारों का सम्मान और उनके साथ सहचरण को सुख मानते थे. उनके निधन से भाषा परिषद का एक और स्तंभ ढह गया और महानगर का एक और हिंदीसेवी हमसे बिछुड़ गया.
नंदलाल शाह का अंतिम संस्कार सोमवार को नीमतला श्मशानघाट पर हुआ. श्री शाह के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनके छोटे भाई प्रमोद शाह ने दी. शोकाकुल परिजनों में रतन शाह, घनश्याम शाह, ताराचंद शाह, महेश शाह, पावस शाह, गौरव शाह, डॉ रमेश शाह व अन्य ने श्मशान घाट पर दिवंगत श्री शाह को अंतिम विदाई दी. शवयात्रा में बड़ी तादाद में मित्र, परिजन व शुभचिंतक शामिल हुए. इनमें पूर्व सांसद मोहम्मद सलीम, इमामी ग्रुप के संयुक्त चेयरमैन राधेश्याम गोयनका, सुबीर पोद्दार, डॉ कुसुम खेमानी, डॉ प्रेमशंकर त्रिपाठी, ईश्वरी प्रसाद टांटिया, राजीव कानोड़िया, ज्वालाप्रसाद मोदी, अशोक टिबड़ेवाल, मनीष डोकानिया, अनुराग मोदी, राम अवतार खेतान, महावीर बजाज, बंशीधर शर्मा, कमलेश मिश्र, पुरुषोत्तम तिवारी, गुड्डन सिंह, विनोद नांगलिया, नरेंद्र तुलस्यान, दिलीप गोयनका, मुदित मोदी, क्षितिज बगड़िया, राम अवतार बुबना सहित महानगर के कई अन्य विशिष्ट व्यक्ति शमिल थे.
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