चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से नहीं हुए 6000 ऑपरेशन
Updated at : 18 Jun 2019 1:59 AM (IST)
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ऑपरेशन के लिए मिल रही तारीख पर तारीख कोलकाता : जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल के कारण उन मरीजों की तकलीफें और भी बढ़ गयी हैं, जिनका पिछले सप्ताह ऑपरेशन होना था. हड़ताल की वजह से महानगर के विभिन्न अस्पतालों में पहले से तय 6000 ऑपरेशन नहीं हुए, ऐसे में उन मरीजों का हाल सबसे बुरा […]
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ऑपरेशन के लिए मिल रही तारीख पर तारीख
कोलकाता : जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल के कारण उन मरीजों की तकलीफें और भी बढ़ गयी हैं, जिनका पिछले सप्ताह ऑपरेशन होना था. हड़ताल की वजह से महानगर के विभिन्न अस्पतालों में पहले से तय 6000 ऑपरेशन नहीं हुए, ऐसे में उन मरीजों का हाल सबसे बुरा है. उनके दर्द को समझनेवाला कोई नहीं है, क्योंकि ऑपरेशन के नाम पर उन्हें सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है.
आम तौर पर सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए लंबी लाइन होती है और यह घटना घंटा, दिन या सप्ताह का नहीं, बल्कि महीनों का होता है. किसी मरीज के ऑपरेशन की तारीख दो-तीन महीने पहले तय होती है. अब पिछले सप्ताह जिन हजार मरीजों का ऑपरेशन नहीं हुआ, उनका ऑपरेशन अब कब होगा, इसकी जानकारी देनेवाला कोई नहीं.
इस संबंध में एक सरकारी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि महानगर में स्थित प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के सर्जरी, यूरोलॉजी, हार्ट सर्जरी, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक विभाग, महिला रोग विभाग सहित अन्य विभाग में प्रत्येक दिन 100 से अधिक ऑपरेशन होते हैं. इसी प्रकार, जिलों के मेडिकल कॉलेजों में भी प्रत्येक दिन औसतन 80 ऑपरेशन किये जाते हैं. कोलकाता में पांच व विभिन्न जिलों में कुल आठ मेडिकल कॉलेज हैं.
वहीं, राज्य सरकार ने और चार मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दी है. कोलकाता शहर व जिलों के पुराने मेडिकल कॉलेज में सोमवार तक लगभग पहले से तय लगभग छह हजार ऑपरेशन नहीं हुए. सिर्फ यही नहीं, उन मरीजों का हाल भी बहुत बुरा है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती तो कर दिया गया है, लेकिन उनका ऑपरेशन अब तक नहीं हुआ.
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