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मामा के घर की मिठाइयों का स्वाद नहीं भूला...

Updated at : 15 Apr 2019 6:13 AM (IST)
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मामा के घर की मिठाइयों का स्वाद नहीं भूला...

देव बांग्ला फिल्म अभिनेता पोइला बैशाख यानी वैशाख महीने का प्रथम दिवस. पोइला बैशाख, बांग्ला का खुद का वर्ष, चैत्र माह की समाप्ति के बाद नये वर्ष का आगमन, केवल बंगाल में ही नहीं, वरन पूरे विश्व में बंगाली समुदाय के लिए एक नयी उमंग और तरंग का उत्सव है पोइला बैशाख. पोइला बैशाख ने […]

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देव

बांग्ला फिल्म अभिनेता
पोइला बैशाख यानी वैशाख महीने का प्रथम दिवस. पोइला बैशाख, बांग्ला का खुद का वर्ष, चैत्र माह की समाप्ति के बाद नये वर्ष का आगमन, केवल बंगाल में ही नहीं, वरन पूरे विश्व में बंगाली समुदाय के लिए एक नयी उमंग और तरंग का उत्सव है पोइला बैशाख. पोइला बैशाख ने बंगाली संस्कृति को नया रूप प्रदान किया है. बंगाली संस्कृति को पहचान दी है.
पोइला बैशाख के साथ जीवन में नयी आशा और नये सपने जुड़ते हैं. मेरे लिए पोइला बैशाख का अर्थ है कि बंगाली संस्कृति, बंगाली खान-पान, बंगाली रीति-रिवाज और बंगाली गीत-संगीत. बचपन से ही पोइला बैशाख मेरे लिए विशेष दिन था. नये कपड़े पहनता था. खूब मजा करता था. बांग्ला वर्ष का पहला दिन विशेष होता था.
‘पोइला बैशाख’ के दिन परंपरा है कि व्यवसायी नये हाल खाता की शुरुआत करते हैं और इसी दिन से नये वर्ष का हिसाब-किताब शुरू होता है. मेरा जन्म बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर में हुआ है. स्कूल के दिनों में ‘पोइला बैशाख’ के समय परीक्षा हो जाती थी और हम लोग अपने मामा के घर जाया करते थे. मेरे मामा की मोटर पार्ट्स की दुकान थी.
दुकानों में पोइला बैशाख के दिन ‘हाल खाता’ शुरू करने की परंपरा है, हालांकि शहरों में अब इसका प्रचलन कम हो गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों और खास कर बंगाली परिवेश के इलाकों में अभी भी ‘हाल खाता’ का प्रचलन है. मेरे मामा नये खाता शुरू करते थे और ग्राहकों के साथ-साथ मुझे भी मिठाइयां मिलती थीं.
बचपन की वे मिठाइयां आज भी स्मृति में बनी हुई है और अब जब सोचता हूं तो लगता है कि वे दिन ही मेरे बचपन के सबसे सुनहले पोइला बैशाख थे. गांव से शहर आया और यहां अभिनय की दुनिया से जुड़ा हूं, हालांकि अब पहले की तरह समय नहीं मिलता है. व्यस्तता बढ़ गयी हैं, लेकिन अभी भी पोइला बैशाख का पालन करता हूं.
पोइला बैशाख के दिन घर में परिवार के सदस्यों के साथ ही भोजन करता हूं, लेकिन यदि घर से बाहर रहा, तो भी परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों के साथ पोइला बैशाख की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान भी होता है. प्रत्येक वर्ष पोइला बैशाख के दिन मेरी फिल्म रिलीज होती रही है. पिछले वर्ष मेरी फिल्म ‘कबीर’ रिलीज हुई थी.
‘कबीर’ को दर्शकों ने काफी पसंद किया था. ‘पोइला बैशाख’ और मेरी फिल्म की रिलीज के बीच भी संबंध सा बन गया है. प्रत्येक ‘पोइला बैशाख’ को फिल्म रिलीज करने का दवाब रहता है और दर्शकों और मेरे फैंस को भी मेरी फिल्म का इंतजार रहता है.
इस पोइला बैशाख को भी मेरी नयी फिल्म ‘किडनैप’ रिलीज होने वाली थी, लेकिन चूंकि मैं फिर से लोकसभा चुनाव लड़ रहा हूं और चुनाव प्रचार में व्यस्तता है. इस कारण इस पोइला बैशाख को मेरी नयी फिल्म ‘किडनैप’ रिलीज नहीं हो रही है.
वैसे तो पोइला बैशाख को मैं परिवार के साथ ही रहता हूं, लेकिन इस वर्ष मैं परिवार के साथ नहीं रह पाऊंगा, क्योंकि मैं एक खेल चैनल का ब्रांड एंबेडस्डर हूं और टी 20 मैच चल रहे हैं.
पोइला बैशाख के दिन टी 20 के मैच के प्रमोशन के लिए मुझे मुंबई जाना है. इस वर्ष का पोइला बैशाख मैं मुंबई में ही बिताऊंगा, लेकिन देश या विदेश के किसी भी हिस्से में पोइला बैशाख के दिन रहूं, लेकिन मेरा मन और दिल सदा ही बंगाली ही रहेगा.
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