मन को विकृतियों से मुक्त करना ही कुंभ : राज्यपाल

कोलकाता/प्रयागराज : कुंभ का आयोजन अद्वितीय है, यह आयोजन ईश्वर कीकृपा और प्रशासन की व्यवस्था की बदौलत अद्भुत रूप से संपन्न हो रहा है. हम मन को विकृतियों से मुक्त करने हेतु कुंभ में आते हैं. अमानवीय, सामाजिक मान्यताओं से विरुद्ध और विकृत विचारों से मन को मुक्त करना ही कुंभ के आयोजन का उद्देश्य […]
कोलकाता/प्रयागराज : कुंभ का आयोजन अद्वितीय है, यह आयोजन ईश्वर कीकृपा और प्रशासन की व्यवस्था की बदौलत अद्भुत रूप से संपन्न हो रहा है. हम मन को विकृतियों से मुक्त करने हेतु कुंभ में आते हैं. अमानवीय, सामाजिक मान्यताओं से विरुद्ध और विकृत विचारों से मन को मुक्त करना ही कुंभ के आयोजन का उद्देश्य है. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कुंभ मेला के सेक्टर 18 के परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय ‘संस्कृति विद्वत कुंभ’ का उद्घाटन करने के उपरांत व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि हृदय को स्वच्छ कर, अध्यात्म का पाठ सीखकर ईश्वर से अपने को जोड़ने का प्रयास ही मन से विकृतियों को निकालना है. कष्ट सहकर हृदय में पाली हुई पवित्र भावनाओं पर विजय पाना ही कुंभ का मर्म है, कुम्भ हमें बहुत कुछ देता है.
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