कोलकाता : 43वें इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर का उद्घाटन, आज भी मानवीय संवेदनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम हैं किताबें - ममता

Updated at : 01 Feb 2019 2:51 AM (IST)
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कोलकाता :  43वें इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर का उद्घाटन, आज भी मानवीय संवेदनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम हैं किताबें - ममता

कोलकाता : साॅल्टलेक के सेंट्रल पार्क मेला ग्राउंड में गुरुवार को 43वें इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इंटरनेट के दौर में आज सोशल नेटवर्किंग, इंटरनेट, फेसबुक व टि्वटर का जमाना है. फिर भी पुस्तकों का […]

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कोलकाता : साॅल्टलेक के सेंट्रल पार्क मेला ग्राउंड में गुरुवार को 43वें इंटरनेशनल कोलकाता बुक फेयर का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इंटरनेट के दौर में आज सोशल नेटवर्किंग, इंटरनेट, फेसबुक व टि्वटर का जमाना है. फिर भी पुस्तकों का अपना एक महत्व है.

एक समय था, जब केवल किताबें ही एकमात्र हथियार थीं, लेकिन आज टेक्नोलॉजी के इस दौर में कई नयी सुविधाएं उपलब्ध हो गयी हैं. इसके बावजूद पुस्तकें ही मानवीय संवेदनाओं को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम हैं. लेखनी के जरिये अपने भावों को लेखक व्यक्त करने की कोशिश करता है, इसलिए किताबों का कोई विकल्प नहीं है.

किताबों से ही भाषा व मन की बात शुरू होती है. अच्छी पुस्तकें ही संस्कृति, सभ्यता व देश के मनीषियों का आभास कराती हैं. किताबों का संसार बहुत विशाल है.

मुख्यमंत्री का कहना है कि इंटरनेशनल कोलकाता पुस्तक मेला विश्व का सर्वश्रेष्ठ पुस्तक मेला है. बंगाल में अन्य उत्सवों के साथ यह पुस्तक मेला भी एक बड़े उत्सव जैसा है. भले ही ईष्या करनेवाले कुछ भी कहें, लेकिन बंगाल की संस्कृति व उत्सवों का कोई विकल्प नहीं है. इस पुस्तक मेले का बंगाल में अलग ही आकर्षण है.
इसके जरिये न केवल बंगाल के बल्कि पूरे देश के कई लेखक, साहित्यकार, चित्रकार व संगीत प्रेमियों का एक जगह जमावड़ा होता है. लेखिका महाश्वेता देवी व अन्य कई नामी लेखक सालों से इस पुस्तक मेले में आते रहे हैं.
कार्यक्रम में पब्लिशर्स एंड बुक सेलर्स गिल्ड के महासचिव त्रिदिब चटर्जी ने स्वागत भाषण में कहा कि यह पुस्तक मेला कोलकाता की पहचान है, यहां आकर पढ़नेवाले लोगों को कई तरह की किताबें मिल जाती हैं.
कार्यक्रम में जाने-माने लेखक मणिशंकर मुखोपाध्याय को मुख्यमंत्री द्वारा अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पुस्तक मेले की एक डाइरेक्टरी व कैलेंडर भी जारी किया गया. 43वें इंटरनेशनल पुस्तक मेले में ग्वातेमाला को थीम देश बनाया गया है. उद्घाटन कार्यक्रम में ग्वातेमाला के एम्बेसेडर एचइ जियोवानी कैस्टीलो व गौतेमाला की प्रसिद्ध लेखिका प्रोफेसर ईवदा मोरेलैस उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में गिल्ड के निदेशक सुधांशु दे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
सीएम की सात किताबों का िवमोचन
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री की सात किताबों का विमोचन किया गया. इसमें किताब, ‘आमि, बच्चों के लिए शिशु दोला व अन्य कविता की किताबें शामिल हैं. एक उर्दू में अनुवाद की गयी ‘शायरी’ पुस्तक भी शामिल है.
इसको लेकर कुल 87 किताबें प्रकाशित हुई हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि बंगाल के इन उत्सवों की मिठास में कोई बाहरी तत्व आकर, कड़वाहट न फैला दे, इस बात का विशेष ध्यान रखियेगा. कार्यक्रम में खाद्य मंत्री ज्योतिप्रय मल्लिक, पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी, बिजली मंत्री शोभन चटर्जी, सुजीत बासु, सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
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