सीएम का केंद्र पर गंगासागर मेले से पक्षपात करने का आरोप, कहा - कुंभ पर करोड़ों खर्च, गंगासागर पर कुछ नहीं
Updated at : 29 Dec 2018 7:33 AM (IST)
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अमर शक्ति, गंगासागर : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर मेले के आयोजन में केंद्र सरकार पर पक्षपात करने का अारोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही, लेकिन गंगासागर मेले पर एक भी रुपया खर्च नहीं कर रही है. सुश्री बनर्जी शुक्रवार को गंगासागर में सुंदरवन जिले के […]
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अमर शक्ति, गंगासागर : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर मेले के आयोजन में केंद्र सरकार पर पक्षपात करने का अारोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही, लेकिन गंगासागर मेले पर एक भी रुपया खर्च नहीं कर रही है.
सुश्री बनर्जी शुक्रवार को गंगासागर में सुंदरवन जिले के विकास के लिए 47 परियोजनाओं के उद्घाटन और 57 परियोजनाओं के शिलान्यास के अवसर पर ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंगासागर के पास बंदरगाह बनाना चाहती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अनुमति नहीं दी.
केंद्र सरकार ने ताजपुर में बंदरगाह बनाने का प्रस्ताव दिया था. राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को इस शर्त पर अनुमति दी कि केंद्र सरकार को मुड़ी गंगा नदी पर पुल बनाना होगा. लेकिन प्रस्ताव के अनुमोदन के तीन साल बीत गये हैं, अभी तक मुड़ी गंगा पर पुल बनाने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है.
राज्य सरकार इंतजार कर रही है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आने के बाद गंगासागर के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. गंगासागर मेले के पहले वह खुद ही गंगासागर आती रही हैं और पूरी तैयारियों की समीक्षा करती हैं. उन्होंने कहा कि गंगासागर मेले के दौरान वह खुद ही निगरानी रखेंगी.
मनरेगा के 2500 करोड़ बकाया, पैसे नहीं दे रहा केंद्र
सुश्री बनर्जी ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत 100 दिन की रोजगार गारंटी योजना के तहत राज्य सरकार का केंद्र पर 2500 करोड़ रुपये बकाया है. केंद्र सरकार दो माह से राशि का भुगतान नहीं कर रही है. इस कारण राज्य सरकार मजदूरों को पैसा नहीं दे पा रही है.
उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गयी है कि केंद्र सरकार पर कोई भरोसा नहीं रह गया है. अगर केंद्र सरकार बकाया पैसे नहीं देगी, तो राज्य सरकार खुद ही मनरेगा के मजदूरों की बकाया राशि का भुगतान करेगी.
आधे किसानों की फसल का बीमा नहीं हुआ
बैंकों की शाखाएं नहीं रहने के कारण बंगाल के आधे किसानों की फसल का बीमा ही नहीं हुआ है. उनके नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता भी नहीं है. उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में राज्य सरकार 80 फीसदी राशि और केंद्र सरकार मात्र 20 फीसदी राशि का भुगतान करती है, लेकिन केंद्र सरकार इस योजना को अपनी योजना बता रही है. यह पूरी तरह से गलत है. लोगों में भ्रम पैदा किया जा रहा है.
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