बंद हुआ एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय बागान, छह हजार बेरोजगार, इलाके में हताशा
Updated at : 26 Dec 2018 6:41 AM (IST)
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पूरे इलाके के 20 हजार लोग इस बागान पर थे निर्भर प्रशासन व यूनियन कर रहे खुलवाने की कोशिश नागराकाटा : चेंगमारी चाय बागान मंगलवार को बंद हो गया. मंगलवार शाम को मालिकपक्ष के वर्क सस्पेंशन के नोटिस से यहां के लगभग 6 हजार स्थायी व अस्थायी श्रमिक बेरोजगार हो गये. कारण के तौर पर […]
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- पूरे इलाके के 20 हजार लोग इस बागान पर थे निर्भर
- प्रशासन व यूनियन कर रहे खुलवाने की कोशिश
नागराकाटा : चेंगमारी चाय बागान मंगलवार को बंद हो गया. मंगलवार शाम को मालिकपक्ष के वर्क सस्पेंशन के नोटिस से यहां के लगभग 6 हजार स्थायी व अस्थायी श्रमिक बेरोजगार हो गये.
कारण के तौर पर पिछले सप्ताह श्रमिक पक्ष व प्रबंधन के बीच विवाद को दर्शाया गया है. अशांति व असुरक्षा की बात कहकर बागान प्रबंधक चेंगमारी छोड़कर चले गये. श्रमिक संगठनों की ओर से बागान बंद कर देने के फैसले की कड़ी आलोचना की गयी है. मालबाजार एसडीओ सियाद एन ने बताया कि उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है. मालिक पक्ष से बातचीत कर बागान खोलने की व्यवस्था की जा रही है. उल्लेखनीय है की यह बागान एशिया में दूसरा सबसे बड़ा चाय बागान है. इस पर लगभग 20 हजार लोग निर्भर हैं. कैरन व धरनीपुर जैसे दो बंद चाय बागानों के श्रमिकों के रोजगार का भी यह बागान एकमात्र जरिया है. इसके साथ लाल झमेला बस्ती निवासी भी इसी बागान पर निर्भर करते हैं.
इस बीच बागान प्रबंधन के ऐसे फैसले से पूरे इलाके में हताशा है. नागराकाटा के विधायक तथा तृणमूल मजदूर यूनियन के महासचिव सुकरा मुंडा ने बताया कि पिछले सप्ताह चेंगमारी में उत्पन्न समस्या का समाधान कर दिया गया था.
इसके बावजूद बागान प्रबंधन के यह फैसला दुर्भाग्यजनक व श्रमिक हित विरोधी है. प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी गयी है. बागान खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है. नागराकाटा ब्लॉक कमेटी के तृणमूल अध्यक्ष तथा बागान के निवासी अमरनाथ झा ने बताया कि पिछले सप्ताह के सोमवार को श्रमिकों को भड़काकर उनसे विरोध करवाने के बाद किसी को परिस्थिति को नियंत्रित करते नहीं देखा गया.
इससे कुछ अनचाही घटना घट गयी. अब सूखे सीजन में बागान बंद रहने से 20 हजार लोग मुश्किल में फंस गये हैं. पिछले शुक्रवार को लुकसान ग्राम पंचायत बोर्ड गठन के बाद से चेंगमारी में अशांति का माहौल शुरू हो गया. जिस काम को लेकर वहां विरोध प्रदर्शन हुआ उस मामले पर श्रमिकों के साथ मालिकपक्ष का कोई समझौता नहीं हुआ. श्रमिकों को बरगलाया जा रहा है. वहीं मालिक संगठन टाई के डुआर्स शाखा के सचिव राम अवतार शर्मा का कहना है कि परिस्थिति काफी जटिल हो चुकी है.
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह के मंगलवार को बागान के फैक्टरी श्रमिकों को रविवार को काम करने व सोमवार को छुट्टी लेने की बात पर भारी विवाद हुआ था. झड़प में हुए पथराव से बागान के तीन संचालक जख्मी हुए थे. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप व मैनेजर द्वारा पुरानी प्रथा जारी रखने की लिखित जानकारी से परिस्थिति शांत हुई. बुधवार को मालिकपक्ष ने शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप में नागराकाटा थाने में एफआईआर दर्ज करवायी.
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