ChatGPT में आया नया Lockdown Mode, जानें क्या है ये फीचर और कैसे करता है काम

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ChatGPT Lockdown Mode

चैटजीपीटी लॉकडाउन मोड (Photo: Reddit)

OpenAI ने ChatGPT में नया Lockdown Mode जोड़ा है. ये फीचर साइबर खतरों और छिपे हुए ‘prompt injection’ जैसे अटैक्स से बचाव के लिए एक एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर देता है. इसे ऑन करने पर कुछ इंटरनेट-बेस्ड फीचर्स सीमित हो जाते हैं. लेकिन यूजर का डेटा ज्यादा सेफ रहता है.

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जैसे-जैसे AI टूल्स हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी सेफ्टी से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं. आज लोग और कंपनियां दोनों ही ChatGPT जैसे टूल्स में प्राइवेट डिटेल्स डाल रहे हैं, इसलिए अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI क्या कर सकता है, बल्कि यह भी है कि वह कितना सेफ है. इसी जरूरत को देखते हुए OpenAI ने ChatGPT के लिए एक नया फीचर ‘Lockdown Mode’ लॉन्च किया है. यह खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो अपनी पर्सनल डिटेल्स को और ज्यादा सेफ रखना चाहते हैं. अच्छी बात यह है कि यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

OpenAI ने क्यों बनाया Lockdown Mode?

यह नया मोड एक बढ़ते हुए साइबर सिक्योरिटी खतरे से निपटने के लिए बनाया गया है, जिसे ‘prompt injection attacks’ कहा जाता है. ये नॉर्मल हैकिंग की तरह सिस्टम को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश नहीं करते, बल्कि चालाकी से काम लेते हैं. इसमें अटैकर्स वेबपेज, फाइल्स या किसी भी कंटेंट के अंदर ऐसे छिपे हुए इंस्ट्रक्शन डाल देते हैं, जिन्हें AI पढ़ सकता है. 

अगर AI उन इंस्ट्रक्शन को समझकर फॉलो कर ले, तो उसका बिहेवियर बदल सकता है. इतना ही नहीं,  यूजर की वो डिटेल्स भी सामने आ सकती है जो शेयर करने का इरादा नहीं था. OpenAI के मुताबिक, Lockdown Mode एक एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर है, जो ChatGPT की मौजूदा सेफ्टी के ऊपर और सेफ्टी जोड़ता है. आसान शब्दों में समझें तो ये ऐसा है जैसे आपने पहले ही दरवाजा लॉक कर दिया हो, और अब उसके ऊपर एक और ताला लगा दिया हो.

इसे ऑन करने पर क्या होता है?

जैसे ही Lockdown Mode ऑन किया जाता है, ChatGPT थोड़ा ज्यादा अलर्ट हो जाता है. यूजर फिर भी फाइल्स अपलोड कर सकते हैं, इमेज शेयर कर सकते हैं और AI से इमेज भी बनवा सकते हैं. लेकिन कुछ ऐसी सुविधाएं जो इंटरनेट या बाहरी कंटेंट से जुड़ी होती हैं, वे सीमित हो जाती हैं. उदाहरण के लिए, ChatGPT कई बार वेब से इमेज लाना या सीधे दिखाना बंद कर सकता है. इसके अलावा, कुछ एडवांस फीचर्स जैसे Deep Research और Agent Mode भी काम नहीं करते, क्योंकि ये इंटरनेट और बाहरी सेवाओं के साथ ज्यादा गहराई से जुड़े होते हैं.

हर किसी के लिए जरूरी नहीं है फीचर

OpenAI ने साफ तौर पर बताया है कि यह फीचर हर नॉर्मल यूजर के लिए नहीं है. जो लोग रोजमर्रा में नॉर्मल काम करते हैं, उन्हें शायद इसका ज्यादा फायदा न दिखे. लेकिन जिनके लिए डेटा और जानकारी बहुत सेंसेटिव होती है जैसे पत्रकार, रिसर्चर, प्रोफेशनल्स या बड़ी संस्थाओं में काम करने वाले लोग, उनके लिए यह काफी काम का हो सकता है.

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अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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