Saraikela: बिरसा हरित ग्राम योजना से बढ़ी महिलाओं की आमदनी, आम की खेती से बदली जिंदगी

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अपने आम के बागान में खड़ी महिला.

Saraikela: सरायकेला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. आम की खेती से जुड़कर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें…

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शचिंद्र कुमार दाश
Saraikela: जेएसएलपीएस से जुड़ी सरायकेला-खरसावां जिले की महिला किसान और सखी मंडल की दीदियों की मेहनत अब रंग ला रही है. ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत लगाये गये आम के बागानों से इस वर्ष बेहतरीन उत्पादन प्राप्त हुआ है. इस योजना से उत्पादित आम की बिक्री के लिये जेएसएलपीएस प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है. किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से जिले के खरसावां, राजनगर, सरायकेला एवं चांडिल प्रखंडों में ताजे और रसायन-मुक्त आमों की बिक्री सह प्रदर्शनी लगाई गई है. इन स्टॉलों में आम्रपाली, मालदा, लंगड़ा, हिमसागर, दशहरी, चौसा, मलिका, गुलासखाब, बीजू आम सहित कई उन्नत एवं लोकप्रिय किस्मों के भी आम उपलब्ध कराए गए हैं. एफपीओ किसानों को बाजार से जोड़ने, उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने तथा कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बन गयी है.

जिले में करीब 600 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान

जानकारी के अनुसार, बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत जिले में लगभग 650 एकड़ क्षेत्र में आम के बाग विकसित किए गए हैं. इस वर्ष करीब 600 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है. एफपीओ के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों और महिलाओं को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है. जेएसएलपीएस के बीपीएम (कुचाई) रमेश प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना से तीन-चार साल पहले किसानों द्वारा लगाये गये पोधों में इस साल भरपूर आम की उपज हुई है. इससे किसान काफी उत्साहित हैं. इस योजना से गांव के किसानों को लाभ पहुंच रहा है.

काफी खास है जिले में उत्पादिक आम

जिले के उत्पादित आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाद के कारण विशेष पहचान रखते हैं. प्रदर्शनी में लगाये गये सभी आम ऑर्गेनिक है. आमों को पकाने के लिये किसी तरह के केमिकल का उपयोग नहीं किया गया है. जेएसएलपीएस की खरसावां बीपीएम शुरू कुमारी ने बताया कि स्टॉलों में लगाये गये आम को स्थानीय लोग काफी पसंद कर रहे है. आमों की हाथों हाथ बिक्री हो रही है. प्रदर्शनी में न केवल आमों की बिक्री हो रही है, बल्कि उनकी किस्मों, विशेषताओं और उत्पादन तकनीक से संबंधित जानकारी भी लोगों को दी जा रही है. खरीदारों और आगंतुकों ने आम की गुणवत्ता, स्वाद और विविधता की सराहना की है.

बड़े पैमाने पर हुई है आम की उपज, बीडीओ ने की सराहना

खरसावां प्रखंड में आयोजित आम बिक्री सह प्रदर्शनी केंद्र का निरीक्षण बीडीओ प्रधान माझी ने किया. उन्होंने किसानों और सखी मंडल की दीदियों से बातचीत कर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, सामूहिक रूप से कार्य करने तथा एफपीओ से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को केवल आर्थिक लाभ ही नहीं मिल रहा है, बल्कि उन्हें विपणन, उद्यमिता और व्यवसाय प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो रहा है. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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