कोलकाता : अनशनरत माओवादी नेता को मनाने जेल पहुंचे जेल मंत्री
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Dec 2018 8:27 AM (IST)
विज्ञापन

मंगलवार को हुई नेट की परीक्षा नहीं दे पाया था अर्णव दाम कोलकाता : नेट की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र मिल जाने के बाद भी जेल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से परीक्षा नहीं दे सके प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल में अनशनरत माओवादी नेता विक्रम उर्फ अर्णव दाम को मनाने के लिए राज्य के कारागार […]
विज्ञापन
मंगलवार को हुई नेट की परीक्षा नहीं दे पाया था अर्णव दाम
कोलकाता : नेट की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र मिल जाने के बाद भी जेल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से परीक्षा नहीं दे सके प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल में अनशनरत माओवादी नेता विक्रम उर्फ अर्णव दाम को मनाने के लिए राज्य के कारागार मंत्री उज्जवल विश्वास शनिवार दोपहर जेल पहुंचे.
5000 रुपये की किताब लेकर मिलने पहुंचे जेल मंत्री
जेल सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 5000 रुपये की किताब लेकर उज्जवल विश्वास प्रेसिडेंसी जेल पहुंचे. वहां अर्णव के सेल में जाकर उन्होंने मुलाकात की है और अनशन खत्म करने की अपील की है.
हालांकि अर्णव इस मांग पर अड़े हैं कि या तो जेल प्रबंधन या कारागार मंत्री लिखित में यह आश्वासन दें कि दोबारा उन्हें जब परीक्षा में बैठना होगा, तो जेल प्रबंधन की ओर से इस तरह से लापरवाही नहीं बरती जायेगी.हालांकि यह नहीं पता चल सका है कि अर्णव अपना अनशन खत्म कर रहे हैं या नहीं.
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि जेल से निकलने के बाद प्रोफेसर बनकर जीवन गुजारने के इच्छुक प्रतिभाशाली माओवादी नेता विक्रम उर्फ अर्णव दाम मंगलवार को हुई नेट की परीक्षा में नहीं बैठ सके. आरोप है कि जेल प्रबंधन और पुलिस की निष्क्रियता की वजह से ही उनका परीक्षा देना संभव नहीं हो सका.
गत 18 दिसंबर को ही यह परीक्षा देनी थी. उसके हिसाब से सुबह से ही उन्होंने सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन जेल प्रबंधन ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी थी कि अर्णव नेट की परीक्षा देना चाहते हैं. उन्हें प्रेसिडेंसी जेल से साॅल्टलेक के टीसीएस गीतबितान परीक्षा केंद्र में ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. हालांकि माओवादी नेता ने बताया कि 12 दिन पहले ही परीक्षा में बैठने से संबंधित लिखित आवेदन उन्होंने जेल प्रबंधन को दिया था. प्रवेश पत्र मिल गया था, लेकिन जेल प्रबंधन की ओर से उन्हें परीक्षा केंद्र में पहुंचाने की पहले से तैयारी नहीं की गयी थी.
जब उन्होंने मंगलवार की सुबह इस बारे में पूछताछ शुरू की और आवेदन का जिक्र किया, तब जाकर जैसे-तैसे पुलिस उन्हें लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंची, लेकिन तय समय से देरी हो जाने की वजह से परीक्षकों ने उन्हें बैठने की अनुमति नहीं दी. उनका कहना है कि इसके बाद होनेवाली परीक्षा में उन्हें बैठाने और उनके पठन-पाठन की व्यवस्था करने की सारी जिम्मेदारी राज्य के जेल मंत्री और पुलिस महानिदेशक को लेनी होगी. जब तक जेल प्रबंधन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वह अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे.
माओवादियों के संगठन का सचिव था अर्णव
गौरतलब है कि अर्णव दाम एक समय में पश्चिम बंगाल, झारखंड व ओड़िशा के जंगली इलाके में सक्रिय माओवादियों के संगठन का सचिव था. वर्ष 2012 के जुलाई महीने में पुरुलिया जिले के विरामडी रेलवे स्टेशन के पास से उसे सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया था.
अर्णव के खिलाफ माओवादी हमले के 31 मामले दर्ज हैं. इनमें से 30 में तो उसे जमानत मिल गयी है, लेकिन इएफआर कैंप पर हमले के मामले में उसे जमानत नहीं मिली है.
शुक्रवार को आरटीआइ के तहत उसने राज्य सरकार के पास एक और आवेदन किया है, जिसके जरिए वह जानना चाहता है कि जेल प्रबंधन की जिस लापरवाही की वजह से वह परीक्षा में नहीं बैठ सका था, उसके खिलाफ जांच चल रही है या नहीं. जेल प्रबंधन सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कारागार मंत्री ने इसकी जांच का निर्देश दिया था. जांच कर इसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गयी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










