दुर्गापुर से कोलकाता के बीच बनाया 170 KM ग्रीन कॉरिडोर, अब तक सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर

Updated at : 18 Nov 2018 10:12 PM (IST)
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दुर्गापुर से कोलकाता के बीच बनाया 170 KM ग्रीन कॉरिडोर, अब तक सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर

– शाम 7.30 बजे दुर्गापुर से मधुस्मिता के अंगों को लेकर रवाना हुई एसएसकेएम के चिकित्सकों की टीम कोलकाता : दुर्गापुर के मिशन अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित 12 वर्षीय किशोरी मधुस्मिता गाइन के अंगों को लेकर एसएसकेएम के चिकित्सकों की टीम कोलकाता के लिए रविवार शाम 7.30 बजे रवाना हो गयी. इसके लिए दुर्गापुर […]

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– शाम 7.30 बजे दुर्गापुर से मधुस्मिता के अंगों को लेकर रवाना हुई एसएसकेएम के चिकित्सकों की टीम

कोलकाता : दुर्गापुर के मिशन अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित 12 वर्षीय किशोरी मधुस्मिता गाइन के अंगों को लेकर एसएसकेएम के चिकित्सकों की टीम कोलकाता के लिए रविवार शाम 7.30 बजे रवाना हो गयी. इसके लिए दुर्गापुर से कोलकाता के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था. जो कि अब तक का सबसे बड़ा ग्रीन कॉरिडोर है. इसकी लंबाई 170 किमी बतायी गयी है. इसके लिए सड़क मार्ग को पूरी तरह से खाली कर दिया गया.

पुलिस के एडीसीपी अभिषेक मोदी, ट्रैफिक एसीपी सास्वती श्वेता सामंत, विमल मंडल समेत दो नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था. परिवार के अंगदान के फैसले के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अंग प्रत्यारोपण करने की तैयारी शुरू की. बातचीत के बाद एसएसकेएम से डॉक्टरों की टीम रविवार दोपहर दुर्गापुर पहुंची.

किशोरी के हृदय, किडनी, लीवर व आंखें निकालकर उन्हें दूसरों में प्रत्यारोपित करने के लिए एसएसकेएम भेजने की तैयारी शुरू की गयी. मधुस्मिता के लीवर को बैरकपुर के रहने वाले संजीत बाला 45 को दिया जायेगा. वहीं किडनी दमदम के अभिषेक राय व कार्निया नदिया जिले के मिठुन दलाल को प्रत्यारोपित किया जायेगा.

बर्दवान मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डिप्टी सुपर अमित शाह ने बताया कि कोलकाता के स्वास्थ्य भवन ने बर्दवान मेडिकल कॉलेज को कमेटी गठन कर अस्पताल जाने का निर्देश दिया. डॉ राजेश चौधरी, डॉ अनिरुद्ध, डॉ दत्ता राय, डॉ केपी मंडल को लेकर कमेटी बनायी गयी. शनिवार रात अस्पताल जाकर मधुस्मिता की पूरी जांच की गयी. कमेटी रविवार सुबह फिर अस्पताल पहुंची.

स्वास्थ्य भवन व एसएसकेएम अस्पताल के बीच को-ऑर्डिनेशन कर विषय की पूरी जानकारी ली गयी. बाद में एसएसकेएम के चिकित्सक मधुस्मिता के शरीर के उपयोगी अंगों को निकालने के लिए मिशन अस्पताल पहुंचे. उन अंगों को ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इसके लिए कुछ रास्तों को बंद कराया गया.

दो नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस बल को तैनात किया गया. आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी ट्रैफिक शाश्वत सामंत ने बताया कि तीन ट्रैफिक थाने के सभी कर्मचारी, डीसी, एसीपी और चार थाना इंचार्ज को लेकर 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

जटिल बीमारी से पीड़ित थी मधुस्मिता

बांकुड़ा जिला के मेजिया ताप विद्युत केंद्र में सीआइएसएफ कर्मचारी दिलीप बाइन की छोटी बेटी मधुस्मिता जटिल मस्तिष्क रोग से पीड़ित थी. घर में सिर में चक्कर आने की वजह से गिर जाने पर गत 12 नवंबर को उसे दुर्गापुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 16 नवंबर को चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया.

इसके बाद अभिभावकों ने उसका अंगदान करने का निर्णय लिया. पिता दिलीप बाइन ने कहा कि बेटी को मिर्गी की तरह अजीबोगरीब बीमारी थी. उसके दिमाग का विकास नहीं हो पाया था. उपचार कराने पर भी हालत नहीं सुधरी. चिकित्सकों और साथियों के कहने पर ब्रेन डेड के बाद हम अंगदान के लिए तैयार हुए.

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