आग की लपटों का इतिहास रहा है बड़ाबाजार का

Updated at : 17 Sep 2018 7:11 AM (IST)
विज्ञापन
आग की लपटों का इतिहास रहा है बड़ाबाजार का

कोलकाता : बागड़ी मार्केट में धधक रही आग के बाद इलाके में किसी न किसी दुकानदार का क्रंदन रह-रहकर सुनायी दे रहा था. सुबह से बह रहे आंसू भी धीरे-धीरे सूखने लगे. तकदीर की मार के आगे वह बेबस नजर आ रहे थे. एक ओर उनकी दुनिया आग की लपटों की भेंट चढ़ रही थी […]

विज्ञापन
कोलकाता : बागड़ी मार्केट में धधक रही आग के बाद इलाके में किसी न किसी दुकानदार का क्रंदन रह-रहकर सुनायी दे रहा था. सुबह से बह रहे आंसू भी धीरे-धीरे सूखने लगे. तकदीर की मार के आगे वह बेबस नजर आ रहे थे. एक ओर उनकी दुनिया आग की लपटों की भेंट चढ़ रही थी तो दूसरी ओर उनके आगे घर-परिवार के भविष्य का प्रश्न मुंह बाये खड़ा था. आग के धुंए के बीच उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था. किस्मत की आंधी ने उनका हौंसला ही नहीं तोड़ा बल्कि उसे भस्म कर रहा था. लेकिन बड़ाबाजार में न तो आग की यह पहली घटना थी और न ही विशेषज्ञों के मुताबिक आखिरी रहने वाली है, अगर हालात न सुधारे गये.
कोलकाता के आर्थिक केंद्रबिंदू के तौर पर जाने-जानेवाले बड़ाबाजार में कमोबेश हर सामान का थोक बाजार आपको मिल जायेगा. इनमें हाई एंड गुड्स से लेकर खिलौने, केमिकल, प्लास्टिक, प्लास्टिक से जुड़ी सामग्री, खिलौने आदि सबकुछ शामिल हैं. अत्यंत व्यस्त रहने वाले बड़ाबाजार की तंग गलियों की बीच, पुराने और जर्जर हो चुके और बिजली के तारों से लिपटे हुए ऐसे कम से कम 500 इमारतें हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि वह कभी भी आग की लपटों में घिर सकती हैं. तंग गलियों में दमकल की गाड़ियों की प्रवेश में बाधा, पानी लाने की दिक्कतों के बीच इमारतों में मौजूद ज्वलनशील सामग्रियां आग को आमंत्रित करती दिखती हैं. इसके साथ ही अधिकांश इमारतों में आग से मुकाबला करने के पर्याप्त संसाधानों का अभाव भी आग में घी का काम करता है.
बड़ाबाजार में आग लगने का इतिहास पुराना है. साल भर कई छोटी-मोटी अग्निकांड की घटनाओं से दो-चार होने वाली बड़ाबाजार की इमारतें रह-रहकर कई बार बड़ी आग से भी घिर जाती हैं. बागड़ी मार्केट के करीब ही नंदराम मार्केट इसका साक्षी है. वर्ष 2008 के जनवरी महीने में लगी आग में अगर आसपास के तिरपाल पट्टी आदि के इलाके को भी जोड़ लिया जाये तो एक अनुमान के मुताबिक 1200 से 2200 दुकानें खाक हो गयी थी. लगभग तीन दिनों तक जल रहे 13 मंजिला नंदराम मार्केट की आग को बुझाने के लिए दमकल के 54 इंजन लगे थे. एयरपोर्ट तथा डिफेंस से भी दमकल की मदद ली गयी थी.
एक नजर बड़ाबाजार की आग पर
1991 – मनोहरदास कटर
2000- मनोहरदास कटरा
2002 – वुलेन गुड्स मार्केट
2003- सत्यनारायण पार्क एसी मार्केट
2004- हरि राम गोयनका स्ट्रीट साड़ी शॉप
2005 – होजियरी वेयरहाउस, कलाकार स्ट्रीट के पास
2006 – एजरा स्ट्रीट
2008 – नंदराम मार्केट
2014 – लक्ष्मीकटरा के करीब
2017 – आर्मेनियन घाट पर वेयरहाउस
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola