इस बार ब्लोअर से प्रतिमाएं सुखायेंगे मूर्तिकार

Updated at : 30 Jul 2018 1:17 AM (IST)
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इस बार ब्लोअर से प्रतिमाएं सुखायेंगे मूर्तिकार

अमर शक्ति कोलकाता : महानगर के ब्यूटी पार्लर में ब्लोअर उपकरण का प्रयोग बालों को सुखाने के लिए किया जाता है. लेकिन अब पहली बार ब्लोअर का प्रयोग मां दुर्गा की प्रतिमाओं को सुखाने के लिए किया जायेगा. कुम्हारटोली के मूर्तिकार पहली बार इसका प्रयोग करेंगे. इसके लिए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम वर्गीय उद्योग […]

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अमर शक्ति

कोलकाता : महानगर के ब्यूटी पार्लर में ब्लोअर उपकरण का प्रयोग बालों को सुखाने के लिए किया जाता है. लेकिन अब पहली बार ब्लोअर का प्रयोग मां दुर्गा की प्रतिमाओं को सुखाने के लिए किया जायेगा. कुम्हारटोली के मूर्तिकार पहली बार इसका प्रयोग करेंगे. इसके लिए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम वर्गीय उद्योग विभाग ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. इस संबंध में मंत्रालय के अधिकारियों ने कुम्हारटोली के मूर्तिकारों के साथ प्राथमिक बैठक कर चुकी है.
स्टोव से बेहतर काम करने की उम्मीद : इस संबंध में कुम्हारटोली मूर्तिकार संस्कृति समिति की ओर से बाबू पाल ने बताया कि केंद्र सरकार अगर यह उपकरण हमें देती है, तो उसका प्रयोग कर देखेंगे कि कैसा काम कर रहा है. हालांकि, गर्म हवा के माध्यम से प्रतिमाएं सूखेंगी, इसलिए उम्मीद है कि यह ब्लू लैंप अर्थात् स्टोव से बेहतर कार्य करेगा.

अगस्त-सितंबर में बारिश से होती है परेशानी : केंद्रीय अधिकारियों के साथ बैठक में मूर्तिकारों ने बताया कि बारिश के कारण उन्हें प्रतिमाओं को सुखाने में काफी परेशानी होती है. अगर पांच-छह दिन भी बारिश हो जाये, तो मूर्तियों को सुखाना मुश्किल हो जाता है. तब वे केरोसिन से जलनेवाले स्टोव की मदद से प्रतिमाओं को सुखाने के लिए मजबूत होते हैं, लेकिन इससे भी प्रतिमा सही प्रकार से नहीं सूखती. क्योंकि आग से ऊपरी हिस्सा तो सूख जाता है, लेकिन भीतरी हिस्सा कच्चा ही रहता है. मूर्तिकारों ने बताया कि अगस्त महीने के अंत से सितंबर मध्य तक प्रतिमाओं पर रंग लगाने का काम होता है और उसी समय अगर निम्न दबाव या मौसमी वायु चलने से प्रतिमाओं को सूखाना मुश्किल हो जाता है. उस समय कुम्हारटोली में जाने से ही देखने को मिलेगा कि सभी मूर्तिकार स्टोव से प्रतिमाओं को सूखा रहे हैं. इस समस्या का समाधान के लिए इस बार ब्लोअर का प्रयोग शुरू करने का निर्णय लिया गया है. लेकिन यह कितना कारगर होगा, यह तो आनेवाला समय की बतायेगा.

कुम्हारटोली में पहली बार होगा इस उपकरण का उपयोग
इस संबंध में कुम्हारटोली मूर्तिकार समिति के महासचिव कार्तिक पाल ने बताया कि कुम्हारटोली में प्रतिमाओं का निर्माण शुरू हो चुका है और अभी हम सभी इसी में व्यस्त हैं. इसलिए नये उपकरण के बारे में सोचने का अभी समय कहां है. अगर सरकार द्वारा ब्लोअर दिया जाता है, तब उस बारे में बात करेंगे. ब्लोअर का प्रयोग करने के बाद ही उसके बारे में कुछ बोलना अच्छा होगा.
ब्लोअर को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं मूर्तिकार
हालांकि, मूर्तिकारों का भी मानना है कि स्टोव की तुलना में गर्म हवा देनेवाले ब्लोअर से प्रतिमाएं अच्छी तरह सूखेंगी.संगठन के सचिव रंजीत सरकार ने बताया कि केंद्रीय अधिकारी कुम्हारटोली में आकर उनके साथ बैठक करके गये हैं. केंद्रीय विभाग ने 10-12 मूर्तिकारों को लेकर एक कलस्टर बनाने का प्रस्ताव दिया है. प्रत्येक कलस्टर को विभाग द्वारा एक-एक ब्लोअर दिया जायेगा. अगले कुछ दिनों में फिर एक बार बैठक होगी. उसी समय इस पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा.
हालांकि, ब्लोअर के प्रयोग को लेकर मूर्तिकारों में असमंजस का माहौल है. मूर्तिकार समीर पाल ने बताया कि ब्लोअर से प्रतिमा को और अच्छी तरह से सुखाया जा सकता है. लेकिन इसके बिजली खर्च को लेकर चिंता है. क्योंकि स्टोव जलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 5-10 लीटर तक तेल दिया जाता है, लेकिन अब नये उपकरण के प्रयोग से बिजली बिल कितना आयेगा, इसे लेकर हमें थोड़ा संदेह है.
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