नया भवन बनने को लेकर प्राथमिक संसद चेयरमैन के पास कोई जबाव नहीं था. ऐसी स्थिति में पार-अनूपनगर स्कूल के पारा शिक्षक धनंजय राय आगे आये. खुद टीन की छत के नीचे रहने के बावजूद उन्होंने अपनी पैतृक जमीन से एक बीघा स्कूल के लिए देने का एलान कर दिया. इसी जमीन पर अब दोबारा बनेगा पार-अनूपनगर का प्राथमिक विद्यालय.
एक प्राथमिक विद्यालय को लेकर अभिभावकों, छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं की भावनाओं को देखकर प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संसद के चेयरमैन आशीष कुंडू स्तंभित हो गये. पार-अनूपनगर प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की संख्या 116 है. शिक्षक-शिक्षिकाओं की संख्या 10 है. गांव में कुल 700 वोटर हैं.
पांच सितंबर को इस विद्यालय को गंगा ने लील लिया. आनन-फानन में इस विद्यालय के सभी छात्र-छात्रा एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को पार-लालपुर प्राथमिक विद्यालय में क्लास करने और क्लास लेने का निर्देश जिला प्राथमिक विद्यालय संसद के चेयरमैन ने दिया. लेकिन तीन दिनों तक इस नये विद्यालय में क्लास करने 116 में से केवल पांच छात्र-छात्राएं पहुंचे. नये विद्यालय जाने में अरुचि को देखते हुए पार-अनूपनगर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं इन्हें खुले आसमान के नीचे ही पढ़ा रहे थे.

