आसनसोल रेलवे स्टेशन में लगेंगे फेसियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस सीसीटीवी कैमरे

सिस्टम में 200 अपराधियों का फोटो होगा अपलोड, इस गतिविधि की वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त भी करेंगे निगरानी
राम कुमार, आसनसोल. अपराधियों को पकड़ने के लिए अब रेलवे की ओर से भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. रेल मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त राहुल राज ने बताया कि आसनसोल मंडल में अमृत भारत योजना के तहत कई स्टेशनों का विकसित किया जा रहा है. इसके तहत अब सुरक्षा विभाग की ओर पूरे मंडल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आसनसोल रेल मंडल की ओर से 53 रेलवे स्टेशन में फेसियल रिकग्निशन सिस्टम सीसीटीवी कैमरा लगाये जा रहे हैं. रेल मंडल के कुछ महत्वपूर्ण स्टेशन पर इन्हें लगाया जा रहा है. क्या है यह सिस्टम : फेसियल रिकग्निशन एक एल्गोरिथम-आधारित तकनीक है जो किसी व्यक्ति के चेहरे की विशेषताओं की पहचान और उसका मानचित्रण करके चेहरे का एक डिजिटल नक्शा बनाता है. जो तब उस डेटाबेस से मिलान करता है जिस तक उसकी पहुंच होती है. फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिये चेहरे का मिलान यह सुनिश्चित करता है कि दिख रहा व्यक्ति डेटा बेस में मौजूद व्यक्ति की पहचान से मेल खाता है. प्रतिरूपण को यह रोकता है. लाइवनेस डिटेक्शन एक जीवित व्यक्ति की उपस्थिति की पुष्टि करता है, जो नकली छवियों या वीडियो से बचाता है. साथ ही वे बेहद सटीक भी होते हैं. श्री राज ने यह भी बताया इस सॉफ्टवेयर में 200 खुंखार अपराधियों की फोटो को अपलोड किया जायेगा. फेसियल रिकॉग्निशन का एक अलग कंट्रोल रूम एक अलग बनाया जायेगा. बड़े अपराधियों पर नकेल कसने में अब इस तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स इसके जरिये उन अपराधियों पर आसानी से नजर रख सकेगा जिसकी जानकारी उसके पास पहले से है. इसके तहत कोई अपराधी अगर स्टेशन में प्रवेश करता है और सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से उसकी तस्वीर कैमरे में कैद होती है तो कंट्रोल रूम को सिस्टम बतायेगा कि किसी अपराधी ने स्टेशन में प्रवेश किया है. तुरंत ही उसे अपराधी तक पहुंचने के लिए लोग तत्पर हो सकेंगे. श्री राज ने बताया कि उनके यहां का कोई बड़ा अपराधी दूसरे मंडल में भी जाकर अगर ऐसे किसी अपराध की घटना को अंजाम देता है तो दूसरे मंडल के साथ भी वे संपर्क में रहेंगे.
प्रथम चरण में जसीडीह, देवघर व बासुकीनाथ स्टेशनों में इसका ट्रायल किया जाएगा क्योंकि जसीडीह में मेले के दौरान स्टेशनों पर काफी भीड़ होती है. तब इस सिस्टम का इस्तेमाल और भी जरूरी हो जाता है. फेसियल रिकग्निशन सिस्टम एक उन्नत तकनीक है. जो भगोड़डे, हिस्ट्रीशीटर, ट्रेन में सामान चोरी करने वाले अपराधी, नशा खुरानी गिरोह के लोग, डकैत, ड्रग पेडलर, पॉकेटमार, मोबाइल चोरी करने वाले अपराधियों सहित अन्य अपराधियों पर नजर रखने के लिए डिजाइन की गयी है. इस सिस्टम की तैनाती सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति का तेजी से पता लगाने और उन्हें पकड़ने में चेहरे की पहचान करने वाली यह प्रणाली बहुत खास है. बड़े-बड़े खूंखार अपराधियों से लेकर स्थानीय अपराधी तक विभिन्न प्रकार की खतरे की पहचान करने में यह प्रणाली सक्षम होगी और इससे कानून और व्यवस्था बनाये रखने में काफी मदद मिलेगी.किन-किन स्टेशन पर लगेगी यह प्रणाली
जसीडीह, जामताड़ा, देवघर, चित्तरंजन, मधुपुर, अंडाल, आसनसोल, रानीगंज, दुर्गापुर, पानागढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में इसे लगाने की तैयारी है.
कब से लगेगी यह प्रणाली
अगले महीने की शुरूआत तक इस प्रणाली को विभिन्न स्टेशनों पर लगा दिया जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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