आसनसोल निगम में विलय के बाद जामुड़िया में विकास पर सवाल

Updated at : 01 Mar 2025 9:33 PM (IST)
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आसनसोल निगम में विलय के बाद जामुड़िया में विकास पर सवाल

जामुड़िया नगरपालिका के आसनसोल नगर निगम में विलय को लेकर विरोधी दलों के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाये है. उनका कहना है कि इस विलय से जामुड़िया को लाभ होने के बजाय नुकसान ही हुआ है. बर्दवान जिले में वामपंथी शासन के दौरान श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए जामुड़िया, रानीगंज, कुल्टी नगरपालिकाओं और आसनसोल नगर निगम के 52 वार्डों में सैकड़ों चाइल्ड लेबर स्कूल संचालित किये जाते थे.

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जामुड़िया.

जामुड़िया नगरपालिका के आसनसोल नगर निगम में विलय को लेकर विरोधी दलों के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाये है. उनका कहना है कि इस विलय से जामुड़िया को लाभ होने के बजाय नुकसान ही हुआ है. बर्दवान जिले में वामपंथी शासन के दौरान श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए जामुड़िया, रानीगंज, कुल्टी नगरपालिकाओं और आसनसोल नगर निगम के 52 वार्डों में सैकड़ों चाइल्ड लेबर स्कूल संचालित किये जाते थे. हालांकि वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर जामुड़िया, रानीगंज व कुल्टी पालिका का आसनसोल नगर निगम में विलय कर दिया.

जिससे 106 वार्डों के साथ कोलकाता के तर्ज पर आसनसोल नगर निगम का गठन हुआ. इस विलय के बाद से ही चाइल्ड लेबर स्कूलों के भविष्य पर सवाल उठने लगे थे. आसनसोल शिल्पांचल, जो एक औद्योगिक क्षेत्र है, में बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं.इन श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से चाइल्ड लेबर स्कूल योजना शुरू की गई थी। हालांकि, नगर पालिका के विलय के बाद इन स्कूलों का बंद होना राज्य सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े करता है.

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विश्वनाथ यादव ने कहा कि जामुड़िया की वर्तमान स्थिति ग्रामीण परिवेश जैसी है. उन्होंने वामफ्रंट के समय में जामुड़िया को नोटिफाइड अथॉरिटी बनाने और बाद में नगर पालिका में बदलने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा 2015 में जामुड़िया नगर पालिका को आसनसोल नगर निगम में विलय करने की भी आलोचना की, जिससे लोगों के जीवन में अशांति आयी.

माकपा युवा नेता बिकास यादव ने राज्य सरकार की शिक्षा नीति को पूरी तरह से विफल बताया और शिक्षा विभाग में घोटाले का आरोप लगाया.भाजपा नेता संतोष सिंह ने वादा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर जामुड़िया को आसनसोल नगर निगम से अलग कर नगर पालिका का दर्जा फिर से प्रदान करेगी.

अलबत्ता, आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य सुब्रत अधिकारी (शिक्षा विभाग) ने कहा कि निगम चाइल्ड लेबर स्कूलों को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि वे शिल्पांचल में आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि निगम इन स्कूलों को स्वयं संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मुद्दे ने जामुड़िया के विकास व शिक्षा के भविष्य को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है.

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