अंपायर ने राहुल तेवतिया को बैट बदलने पर किया मजबूर, जानें क्या है सच्चाई?

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अंपायर ने चेक किया राहुल तेवतिया का बैट, Pic- Screenshot/X (Star Sports)

Rahul Tewatia, PBKS vs GT: आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के मैच में एक अनोखी घटना देखने को मिली. गुजरात के राहुल तेवतिया का बल्ला बैट गेज टेस्ट में फेल हो गया. अंपायर ने उन्हें तुरंत बल्ला बदलने को कहा. आइए जानते हैं कि बल्ले के साइज को लेकर एमसीसी का क्या नियम है.

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Rahul Tewatia, PBKS vs GT: मुल्लांपुर में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल 2026 का चौथा मुकाबला मंगलवार को खेला गया. यह मैच पंजाब किंग्स ने जीता. इस अहम मुकाबले में पंजाब की जीत के असली हीरो कूपर कोनोली रहे. उन्होंने अपनी टीम के लिए बहुत ही शानदार पारी खेली. इस शानदार खेल के बीच गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर राहुल तेवतिया भी काफी चर्चा में आ गए. उनके चर्चा में आने का कारण उनका कोई शॉट नहीं बल्कि उनका बैट था. यह घटना खेल के दौरान तब घटी जब राहुल मैदान पर उतरे.

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राहुल तेवतिया का बैट टेस्ट में फेल

गुजरात की पारी के दौरान जब वॉशिंगटन सुंदर आउट हुए तो उनके बाद राहुल तेवतिया बैटिंग करने के लिए क्रीज पर आए. उन्होंने अभी मैच की एक भी गेंद नहीं खेली थी कि मैदान पर मौजूद अंपायर ने उनका बैट चेक करने का फैसला किया. अंपायर ने राहुल का बैट गेज टेस्ट में डाला. राहुल तेवतिया का बैट इस गेज टेस्ट में फेल हो गया. इसके बाद अंपायर ने बिना देरी किए राहुल को अपना बल्ला बदलने का निर्देश दिया. उन्हें तुरंत डगआउट से दूसरा बल्ला मंगाना पड़ा.

बैट गेज टेस्ट और MCC का नियम

आईपीएल में अप्रैल 2025 से मैच ऑफिशियल बल्ले का साइज चेक करने के लिए इसी बैट गेज टेस्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके तहत बल्लेबाजों द्वारा मैदान पर इस्तेमाल होने वाले हर एक बैट की जांच की जाती है. मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियम 5 के अनुसार किसी भी बल्ले के किनारे 4 सेंटीमीटर यानी 1.56 इंच से मोटे नहीं होने चाहिए. इसी नियम के तहत बल्ले की गहराई 6.7 सेंटीमीटर यानी 2.64 इंच होनी चाहिए और बल्ले की कुल चौड़ाई 10.8 सेंटीमीटर यानी 4.25 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

पूर्व अंपायर अनिल चौधरी का बयान

पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने भी इस घटना पर अपनी राय सामने रखी है. उन्होंने बताया कि इस नियम को आईपीएल में पिछले साल से लागू किया गया है. नियम के तहत खेल में इस्तेमाल होने वाला हर एक बैट चेक होकर ही मैदान पर जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि आमतौर पर चौथा अंपायर इस काम को देखता है. लेकिन अगर वह किसी दूसरे काम में व्यस्त होते हैं या मैदान पर अचानक कोई बल्ला बदला जाता है तो मैदान के अंपायर खुद इसे चेक करते हैं.

कड़े नियम लागू करने की वजह

अनिल चौधरी ने इस नियम के शुरू होने की असली वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि नई प्लेइंग कंडीशन के अनुसार आईपीएल में सब बैट चेक होकर जाएंगे यह पूरी तरह से तय है. इसके पीछे का कारण यह है कि पहले कई मैचों में बहुत सारे बैट ऐसे भी देखे गए थे जिनके साइज एमसीसी के नियमों से अलग थे. खेल को पूरी तरह से निष्पक्ष रखने और बल्लेबाजों को कोई गलत फायदा न मिले इसलिए इस अहम नियम को सख्ती से लागू किया गया था.

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