हिंदुओं को वोटर बनने से रोकना चाहती हैं ममता, तृणमूल के 'लीक' हुए फॉर्म 6 पर भाजपा का पलटवार

Updated at : 01 Apr 2026 3:00 PM (IST)
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हिंदुओं को वोटर बनने से रोकना चाहती हैं ममता, तृणमूल के 'लीक' हुए फॉर्म 6 पर भाजपा का पलटवार

चुनाव आयोग

Bengal Election: बंगाल में फॉर्म 6 जमा करने को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है. चुनाव से पहले राजनीति का पारा और भी चढ़ गया है. तृणमूल ने आरोप लगाया है कि भाजपा फॉर्म 6 जमा करके अन्य राज्यों के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल कर रही है.

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Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आ चुकी है. चुनाव में मतदान करने के लिए लोग फॉर्म 6 जमा करने में जुटे हुए हैं. चुनाव आयोग में बड़ी संख्या में फार्म-6 बरामद होने के बाद हंगामा मचा हुआ है. इस मुद्दे पर राजनीति गरमागरमी हुई है. तृणमूल ने इस संबंध में आरोप लगाया है कि भाजपा फॉर्म 6 जमा करके दूसरे राज्यों के लोगों को बंगाल में वोटर बनाने का प्रयास कर रही है. चुनाव आयोग ने तृणमूल के इस आरोप पर संज्ञान लिया है और बंगाल के सीईओ ने इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है.

भाजपा ने फार्म की तस्वीर जारी कर किया पलटवार

भाजपा ने तृणमूल के ‘लीक’ हुए फॉर्म 6 की तस्वीर दिखाकर पलटवार किया. भाजपा ने दावा किया कि तृणमूल हिंदूओं को वोटर बनाने का विरोध कर रही है. भाजपा ने जमा सात फॉर्मों की तस्वीर जारी की है, जिनमें से चार उन व्यक्तियों के आवेदन हैं, जिनके नाम हटा दिए गए हैं. बाकी आवेदन नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए हैं. इन आवेदकों के उपनाम डे, बनर्जी आदि हैं. संयोगवश, तृणमूल ने आरोप लगाया था कि बाहरी लोगों को मतदाता बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इस बार भाजपा ने यह कहकर जवाब दिया कि तृणमूल बंगाली हिंदुओं के नाम मतदाता सूची में नहीं रहने देना चाहती. भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और दावा किया कि तृणमूल खुद झूठ के जाल में फंस गई है.

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तृणमूल ने भाजपा से फिर किया सवाल

भाजपा के पलटवार के जवाब में तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा-भाजपा अपने ही जाल में फंस गई है. बंगाली हिंदुओं के नाम किसने छोड़े. भाजपा और उसकी सहयोगी संस्था, चुनाव आयोग ने बंगाली हिंदू मतदाताओं के नाम रोहिंग्या के रूप में छोड़ दिए हैं. उस पोस्ट में भाजपा ने यह भी कहा कि तृणमूल जिन लोगों को बाहरी बता रही है, उनके उपनाम देखकर ही पता चल जाएगा. आवेदकों में बनर्जी (दे) उपनाम वाले लोग भी शामिल हैं. आगे आरोप यह भी है कि राज्य सरकार बंगाली हिंदुओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश कर रही है. तृणमूल सरकार क्या करना चाहती है. राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय में कई दस्तावेज आते हैं. फॉर्म 6 भी उनमें से एक है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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