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आसनसोल की थैबी ने परीक्षा में टॉप किया, लेकिन जॉन्डिस से 17 दिन पहले हो गया निधन

Updated at : 03 May 2025 1:24 AM (IST)
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आसनसोल की थैबी ने परीक्षा में टॉप किया,    लेकिन जॉन्डिस से 17 दिन पहले हो गया निधन

पश्चिम बर्दवान जिले की टॉप 10 सूची में रही थैबी को मिले 674 अंक, स्कूल में पहला स्थान

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पश्चिम बर्दवान जिले की टॉप 10 सूची में रही थैबी को मिले 674 अंक, स्कूल में पहला स्थान

जिले में टॉप टेन की सूची में कुल 18 छात्र-छात्राओं के नाम

आसनसोल. पश्चिम बर्दवान जिले की माध्यमिक परीक्षा 2025 की टॉप 10 सूची में आसनसोल रामकृष्ण मिशन हाइस्कूल के आवरा राय और सौमिक दे ने 684 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया. दूसरे स्थान पर इसी स्कूल के ध्रुव ज्योति हाजरा (681 अंक), तीसरे स्थान पर मानकर गर्ल्स हाइस्कूल की छात्रा सुहाना लाह (680 अंक) और चौथे स्थान पर रामकृष्ण मिशन स्कूल के ही आर्यया घोष (679 अंक) रहे. पांचवें स्थान पर तीन छात्र-छात्राएं-राजदीप पात्रा, नील अर्घया साधु खान (दोनों रामकृष्ण मिशन स्कूल) और दुर्गापुर रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज मॉडल स्कूल की जागृति अधिकारी को 678 अंक प्राप्त हुए.

थैबी की सफलता और असमय विदाई ः छठे स्थान पर रामकृष्ण मिशन स्कूल के रुद्रनील चक्रवर्ती और दुर्गापुर ईश्वर चंद्र विद्यासागर पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रतिमा मंडल (दोनों 677 अंक), सातवें स्थान पर धधका एनसी लाहिरी विद्यामंदिर की माहिरा खातून और नूतनडांगा हाई स्कूल की छात्रा राजश्री गोस्वामी (676 अंक), आठवें स्थान पर उमारानी गोराई महिला कल्याण स्कूल की थैबी मुखर्जी और सुरेनचंद मॉडल स्कूल के प्रियम केश (674 अंक) रहे. नवें स्थान पर रामकृष्ण मिशन स्कूल के अनिक बनर्जी (673 अंक) और दसवें स्थान पर रामकृष्ण मिशन स्कूल के उत्सव हाजरा, शेख सफी अली तथा चेलीडंगाल हाइस्कूल के अर्नेश विश्वास (सभी को 671 अंक) शामिल हुए.

उमारानी गोराई महिला कल्याण स्कूल की छात्रा थैबी मुखर्जी ने न सिर्फ अपने स्कूल में टॉप किया, बल्कि जिले की टॉप 10 सूची में आठवां स्थान भी पाया. उसने बंगला में 99, गणित में 98, भौतिक विज्ञान में 97, जीव विज्ञान में 98 तथा इतिहास और भूगोल में 95 अंक हासिल किये. लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था. परीक्षा के नतीजे घोषित होने से 17 दिन पहले ही थैबी का जॉन्डिस के कारण निधन हो गया.

बीमारी के बावजूद थैबी ने पूरी परीक्षा दी थी. उसके इलाज के लिए स्कूल और शहरवासियों ने मिलकर 45 लाख रुपये की सहायता जुटायी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. स्कूल की प्रभारी शिक्षिका पापड़ी बनर्जी ने कहा कि थैबी की उपलब्धि असाधारण थी. अगर वह स्वस्थ होती, तो राज्य की टॉप 10 सूची में भी उसका नाम अवश्य होता.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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